भिक्षावृत्ति खत्म करने बनेगी योजना


नई दिल्ली । गरीबी के आकलन के अनुसार भारत में ३४ करोड़ लोग बेसहारा है इसे जानते हुए वेंâद्र सरकार भिक्षावृत्ति की समस्या को दूर करने के लिए जल्द ही एक योजना तैयार करेगी। इसके तहत बेघर और बेसहारा लोगों को आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और कौशल विकास का प्रशिक्षण देने पर विचार किया जा रहा है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा तैयार योजना के माध्यम से सरकार गरीबों को भोजन, परामर्श और पुनर्वास जैसी बुनियादी सेवाएं देने के उद्देश्य से काम कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत शारीरिक रूप से सक्षम गरीबों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकेगा और वे सम्मान के साथ जीवन जी सवेंâगे।
उन्होंने कहा कि गरीबी और भिक्षावृत्ति की समस्या एक प्रमुख िंचता बनती जा रही है। भिखारियों की बढ़ती संख्या खास कर इसमें बच्चों और महिलाओं की संख्या को देखते हुए इस ओर ध्यान देना जरूरी हो गया है। योजना के कार्यान्वयन में पारर्दिशता और जवाबदेही के लिए लाभ पाने वाले हर किसी के विवरण का वंâप्यूटरीकृत डाटा रखा जाएगा। आगे चलकर इसे आधार संख्या से जोड़ा जाएगा।
ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिर्विसटी द्वारा किए गए गरीबी के आकलन के अनुसार भारत में ३४ करोड़ लोग बेसहारा हैं। भारत अफगानिस्तान के बाद दक्षिण एशिया में दूसरा सबसे बड़ा गरीब देश है। २०११ की जनगणना के मुताबिक, देश में भिखारियों की संख्या करीब चार लाख १३ हजार है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने १९९२-९३ से १९९७-९८ के दौरान भिक्षावृत्ति पर रोकथाम के लिए एक योजना लागू की थी। इसके तहत रोजगार प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा के वेंâद्र बनाने के लिए वित्तीय सहायता दी गई। राज्यों द्वारा की गई मांग के चलते १९९८-९९ से योजना रोक दी गई।