भारत दुनिया का दूसरा सबसे विश्वसनीय देश : सर्वे


– राजनेताओं पर लोगों का भरोसा 2015 में 82 फीसदी
नई दिल्ली । विभिन्न संस्थाओं मे भरोसा करने के मामले में भारत अपने रैविंâग में सुधार करते हुए विश्व का दूसरा सबसे बड़ा विश्वसनीय देश बन गया है। वैश्विक विश्वनीयता का स्तर घटा है। भारत में संस्थाओं पर भरोसा केद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के आने के बाद २०१५ में तेजी से बढ़ा है एवं २७ देशों के बीच भारत तीन अंकों में सुधार के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। पब्लिक रिलेशन फर्म एडेलमैन के सर्वे में बताया गया कि अमेरिका, ब्रिटेन एवं जर्मनी सहित दो तिहाई देशों में सरकार व्यवसाय, मीडिया एवं एनजीओ पर आम आबादी का भरोसा ५० फीसदी से भी कम है। भारत २०१४ में पांचवा सबसे अधिक विश्वसनीय देश था लेकिन २०१५ में ७९ प्रतिशत अंक के साथ दूसरा सबसे बड़ा विश्वसनीयता वाला देश बन गया है। अध्ययन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को पहले स्थान पर रखा गया था। सर्वे के मुताबिक अपने देश की संस्थाओं पर विश्वसनीयता के मामले में ८४ प्रतिशत के साथ यूएई शीर्ष में है तथा भारत के (७९ प्रतिशत) के बाद तीसरे स्थान पर इंडोनेशिया (७८ प्रतिशत), चीन (७५ फीसदी) चौथे स्थान पर है एवं सिंगापुर (६५ प्रतिशत) पांचवा विश्वसनीय देश है। अविश्वसनीय देशों की संख्या में महत्वपूर्ण ढंग से वृद्ध हुई है। जापान, रूस, हांगकांग, दक्षिण अप्रâीका एवं इटली में लोगों की संस्थाओं के प्रति विश्वसनीयता घटी है। भरोसा सूचकांक के अनुसार ब्राजील, मलेशिया, प्रâांस एवं अमेरिका आठ उदासीनत देशों में है। भारत के लोगों में राजनीतिज्ञों पर भरोसा २०१५ में बढ़कर ८२ फीसदी हो गया है जबकि एक वर्ष पहले ५३ प्रतिशत था। भारत में एनजीओ पर भरोसा ७५ फीसदी से घटकर २०१५ में ७४ फीसदी रहा है। हालांकि देश में मीडिया पर भरोसा आधे से भी अधिक कम हुआ है।