भगवान को चॉकलेट


अलाप्पुझा। वैलेंटाइन डे वाले हफ्ते के तीसरे दिन दुनियाभर में चॉकलेट डे मनाया जाता है। चॉकलेट घर-घर में खाई जाने वाली चीज है। ऐसे में यह जानकारी खासी रोचक रहेगी कि भारत में एक मंदिर ऐसा भी है जहां भगवान को चॉकलेट का भोग लगाया जाता है। पारंपरिक रूप से मंदिरों में भगवान के विग्रह की पूजा फल, पूâल, मिठाई, धूप, अगरबत्ती और चंदन से होती है, लेकिन केरल के अलेप्पी (अलाप्पुझा) में एक ऐसा मंदिर है, जहां भक्त भगवान को चॉकलेट का भोग लगाते हैं। अलेप्पी का ‘थेक्कन पलानी बालसुब्रमण्यम’ मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां श्रद्धालु भगवान मुरुगन की सेवा में चॉकलेट चढाते हैं। उनकी पूजा के बाद वही चॉकलेट प्रसाद के रूप में वितरित भी की जाती है। आपको बता दें कि इस मंदिर में ‘मंच मुरुगन’ की पूजा होती है, जो भगवान मुरुगन का बालरूप है। हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार, मुरुगन को सुब्रमण्यम और र्काितकेय के नाम से भी जाना जाता है, जो शिव और देवी पार्वती के पुत्र हैं। अपनी श्रद्धा और विश्वास के अनुसार भिन्न-भिन्न जाति, समुदाय और धर्म के श्रद्धालु भगवान मुरुगन की कृपा पाने के लिए डब्बा भर-भरकर चॉकलेट लाते हैं। हालांकि, किसी को पता नहीं है कि यहां चॉकलेट चढ़ाने की परंपरा वैâसे और कब शुरु हुई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यहां सिर्पâ बच्चे ही चॉकलेट चढ़ाते थे, लेकिन अब सभी आयु और वर्ग लोग ऐसा करते हैं। माना जाता है कि भगवान मुरुगन के बालक रुप को चॉकलेट पसंद आएगा, यही सोचकर यह रोचक रिवाज शुरू हुआ होगा।