प्रेमिका से शादी करने पत्नि को चढ़ाया एचआईवी संक्रमित खून


नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में एक ऐसा मामला आया है जिससे पुलिस अधिकारी भी हैरत में पड़ गए हैं। थाने में दर्ज इस रिपोर्ट के मुताबिक सीआरपीएफ के एक टेक्नीशियन ने पत्नी से छुटकारा पाने के लिए उसे शुगर नियंत्रित किए जाने के नाम पर एचआइवी संक्रमित इंजेक्शन लगाया और कुछ दिन बाद फिर एचआइवी संक्रमित खून खुद इंजेक्शन के जरिए चढ़ा दिया। पत्नी को इस बात का अहसास तब हुआ जब उसने उससे शारीरिक संपर्वâ रखना बंद कर दिया।
टेक्नीशियन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था। पीड़िता के पिता ने सूरजपुर थाने में टेक्नीशियन,उसके माता-पिता, भाई-बहन सहित दस लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। ग्रेटर नोएडा के एक गांव की रहने वाली २३ वर्षीय युवती का विवाह १५ फरवरी २०१२ को हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सादतपुर गांव के प्रवीण कुमार शर्मा के साथ हुआ थी। प्रवीण सीआरपीएफ (वेंâद्रीय रिजर्व पुलिस बल) की आरकेपुरम दिल्ली शाखा में टेक्नीशियन है।
युवती के पिता का आरोप है कि प्रवीण किसी और युवती से प्रेम करता है। शादी के एक साल बाद तक उसने यह बात छुपाए रखी। प्रवीण ने २४ नवंबर २०१३ को पत्नी को यह कहकर एक इंजेक्शन लगाया कि यह शुगर की रोकथाम के लिए है। दरअसल, युवती के पिता को शुगर था। इसी का उसने फायदा उठाया। इंजेक्शन देने के बाद उसने पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना बंद कर दिया। इसके बाद भी वह उसकी चाल को समझ नहीं पाई। वहीं प्रवीण को लगा कि इंजेक्शन का कोई असर नहीं हुआ तो उसने शुगर के बहाने पत्नी को आठ जनवरी २०१४ को एचआइवी से संक्रमित खून इंजेक्शन के जरिए चढ़ा दिया। लंबे समय तक वह दूर रहा तो पत्नी को शक हुआ। वह बीमार रहने लगी। प्रवीण ने खुद ही उसका एचआइवी टेस्ट कराया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर भी उसके परिजन को सूचना नहीं दी। साथ ही पत्नी को भी यह धमकी दी कि यदि उसने मुंह खोला तो उसके भाई – बहनों के साथ भी वह ऐसा ही करेगा। एक दिन जब पिता ससुराल में मिलने के लिए पहुंचे तो वहां बेटी को बीमार देखकर उससे कारण पूछा। तब उन्हें सच्चाई का पता चला। बाद में प्रवीण ने एचआइवी ग्रस्त पत्नी को पिता के साथ मायके भेज दिया। विवाहिता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। एफआइआर में युवती के एचआइवी ग्रस्त होने की बात लिखी गई है। मामले की जांच की जा रही है।