पांच मार्च को धरती के करीब पहुंचेगा क्षुद्र ग्रह टीएक्स


नैनीताल। सौरमंडल का एक क्षुद्र ग्रह टीएक्स ६८ पांच मार्च को धरती से टकरा सकता है। छह अक्टूबर २०१३ में इस क्षुद्र ग्रह को खोजा गया था। वैज्ञानिकों के अनुसार इसके पृथ्वी से टकराने की आशंका हैं। अगले साल पुन: इसके पृथ्वी के काफी करीब होकर गुजरने की संभावना वैज्ञानिक जता रहे हैं। वैज्ञानिक इस क्षुद्र ग्रह पर पैनी नजर जमाए हुए हैं। नैनीताल ाqस्थत आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (एरीज) के खगोल वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे के अनुसार टीएक्स ६८ एक छोटा क्षुद्र ग्रह है। खास बात यह है कि नजर आने के बाद पुन: आंखों से ओझल हो जाता है, फिर एक-दो दिन बाद ही नजर आता है। धरती के नजदीक पहुंचने के कारण इस पर पल-पल नजर रखना बेहद जरूरी है। लिहाजा नासा समेत कई अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां इस पर नजर रखे हुए हैं। इसके आकार का सटीक पता नहीं चल पाया है। फिर भी माना जा रहा है कि २१ से ५२ मीटर के बीच हो सकता है।
इसके पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। जब यह धरती के नजदीक पहुंचेगा तो इसकी दूरी लगभग चंद्रमा की दूरी के सवा गुना अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पृथ्वी के करीब आने का वैज्ञानिकों का बेसब्री से इंतजार है। पृथ्वी के नजदीक से गुजरते समय इसके आकार का सही पता लगाया जा सकेगा। तभी इसकी र्ऑिबट की सटीक गणना भी की जा सकेगी। इसके बाद यह अगले साल पुन: पृथ्वी के करीब पहुंचेगा। तब पृथ्वी से इसकी दूरी इस वर्ष के मुकाबले काफी कम रह जाएगी। जिस कारण वैज्ञानिकों के लिए इस िंपड की कक्षा, आकार व प्रकार के बारे में जानना बेहद जरूरी हो चला है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मार्च में पृथ्वी के नजदीक आते ही इसका रहस्य छिपा नहीं रह जाएगा।