नौकरी छोड़ बैंकर, डॉक्टर, सीए बन रहे ज्योतिषी


नई दिल्ली । बैंकर, इंटीरियर डिजाइनर, शिक्षक या चिकित्सक या फिर एमबीए व सीए जैसे पेशेवर। ज्योतिष के क्षेत्र में ऐसे लोगों की बाढ़ आ गई है, जो अपना वैâरियर छोड़कर इस क्षेत्र में भाग्य आजमा रहे हैं और ज्योतिषाचार्य तक बन गए हैं। ज्योतिष के क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में जबर्दस्त बूम दिख रहा है। इस क्षेत्र में युवाओं का रुझान भी तेजी से बढ़ा है। ऑल इंडिया पेâडरेशन एस्ट्रोलॉजर्स सोसायटीज की मुख्य सचिव आभा बंसल के मुताबिक, ऐसे ज्योतिषियों की संख्या ५० फीसदी से ज्यादा है, जो पहले दूसरे पेशे से जुड़े थे। इसमें से कई सरकारी अधिकारी, सेना व बहुराष्ट्रीय वंâपनियों में उच्च पदों पर रह चुके हैं।
दिल्ली में ही जितनी लोगों में भविष्य के प्रति िंचता बढ़ी है, उसी तादात में ज्योतिषियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पांच साल पहले तक दिल्ली में ज्योतिषियों की संख्या बमुाqश्कल एक हजार थी, आज यह १० हजार से ऊपर है। इसमें तोते के जरिए भविष्य बांचने वाले परंपरागत के साथ हैंडराइिंटग से भविष्य बताने वाले आधुनिक भविष्य वक्ता भी हैं। प्रगति मैदान में नक्षत्र मेला चल रहा है, जिसमें लोगों की काफी भीड़ देखी जा सकती है। प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला भी चल रहा है। हालात यह है कि पुस्तक मेले से निकलने के बाद जिनके हाथों में किताबें नहीं हैं, वे भी १०० रुपए से ढाई हजार रुपए खर्च कर अपना भविष्य जान रहे हैं।