दो साल में सबसे तेज तरक्की करेगा भारत


नईदिल्ली। अगले दो साल में भारत सबसे तेज तरक्की करने वाली बड़ी इकनॉमी बनकर उभरेगा। ऑर्गनाइजेशन फॉर इकनॉमिक कॉऑपरेशन एंड डिवेलपमेंट (ओईसीडी) के ओईसीडी चीफ क्रिस्टीन लगार्ड ने कुछ दिन पहले ही इंडिया को बादलों से ढके वैश्विक आकाश में एक ‘चमकता सितारा’ बताया था। ओईसीडी ने ‘अंतरिम इकनॉमिक एसेसमेंट’ में इंडियन इकनॉमी का ग्रोथ रेट २०१५ में ७.७ पर्सेंट और २०१६ में ८ पर्सेंट रहने का अनुमान दिया है। उसने अपने अनुमान में कहा कि इन दोनों फिस्कल ईयर में चीन की ग्रोथ ७ पर्सेंट रह सकती है।
ओईसीडी का मानना है कि ग्लोबल इकनॉमी का परफॉर्मेंस कुछ महीने पहले के अनुमान से बेहतर रह सकता है। पेरिस के इस िंथकटैंक ने कहा कि इंडियन इकनॉमी अगर कुछ अहम चुनौतियों से निपटने में कामयाब रहती है तो यह इसका परफॉर्मेंस स्ट्रॉन्ग रह सकता है। इंडिया अब २०१५-१६ में चीन को पीछे छोड़कर सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ने वाली इकनॉमी हो सकती है।’ साथ में उसने यह भी कहा है कि रिफॉम्र्स के सामने कुछ रोड़े आ रहे हैं। उसने नवंबर के अपने पिछले अनुमान में इंडिया का ग्रोथ रेट २०१५ में ६.४ पर्सेंट और २०१६ में ६.६ पर्सेंट रहने की बात कही थी। ग्रोथ के अनुमान में बढ़ोतरी की एक वजह जीडीपी के नए डेटा भी हैं जो नए वैâलकुलेशन से निकाले गए हैं। नए डेटा कॉस्ट मेथड के बजाय इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मार्वेâट प्राइस बेस्ड सिस्टम से निकाले गए हैं। इसके मुताबिक फिस्कल ईयर २०१४ में इंडिया की ग्रोथ ६.९ पर्सेंट रही थी। ग्रोथ रेट का पता लगाने के पुराने मेथड के हिसाब से वह ४.७ पर्सेंट थी।
ओईसीडी ने कहा कि इस ग्रोथ रेट में सुधार की एक वजह जीडीपी के पुराने डेटा में किया गया खासा बदलाव है। इसमें बेस ग्रोथ रेट २०१४ तक बढ़ गया। भारत सरकार के खुद के असेसमेंट के मुताबिक इंडियन इकनॉमी का ग्रोथ रेट फिस्कल ईयर २०१६ में ८.१ से ८.५ पर्सेंट के बीच रह सकता है। मौजूदा वित्त वर्ष में इकनॉमी का ग्रोथ रेट ७.५ पर्सेंट रहने का अनुमान लगाया गया है। इकनॉमिक रिकवरी उम्मीद से कम है।