देवी-देवता और पितृ करते हैं गर्भस्थ शिशु से मुलाकात


जयपुर। हमारे देवी-देवता और पूर्वज गर्भ में पल रहे बच्चे से मिलते हैं। भारतीय पौराणिक कथाओं में कहा भी गया है कि हमारे पितृ हमारे अजन्में बच्चों की रक्षा करते हैं। कई जगह यह भी आता है कि गर्भ में वैमाता शिशु की देखभाल करती है। महाभारत में कहा गया है कि ने सुभद्रा के गर्भ में ही अभिमन्यू ने चक्रव्यूह तोड़ने की कला सीख ली थी। गर्भ में बालक का ध्यान ईश्वर या वैमाता करती है, इसको स्वीकार करना पाqश्चमी देशों के लोगों के लिए बड़ा असंभव है, लेकिन एक गर्भवती महिला के अल्ट्रासाउंड ने सभी की नींद उड़ा दी है। इस अल्ट्रा साउंड में दिखायी दे रहा है कि गर्भ में बच्चे की दायीं ओर एक आकृति है, जो बच्चे की ओर टकटकी लगा कर देख रही है। कुछ लोगों ने इसे भारतीय देवी बताया है, तो कुछ अपने-अपने तरह से उसका बखान कर रहे हैं। जो कुछ भी हो, इस अल्ट्रासाउंड को हर किसी ने पैरानॉर्मल जरूर कहा है। इसी तरह पाqश्चमी लंदन की रहने वाली जेड हान्र्स पिछले वर्ष अक्टूबर में अपना फोर डी कलर अल्ट्रा साउंड अप लोड किया था। जेड का यह अल्ट्रा साउंड और भी चौंकाने वाला था। जेड ने लिखा कि मेरे स्वर्गीय ग्रांडफादर मेरे गर्भ में मेरे अजन्मे बच्चे को ‘किस’ कर रहे हैं।