दुनिया की सबसे जहरीली मकड़ी राजकोट में


चार आंख वाली मकड़ी देश में दूसरी बार दिखाई दी
अहमदाबाद। दुनिया की सबसे जहरीली मकड़ी सौराष्ट्र युनिसर्विटी के बायोसायंस भवन में पायी गयी है। यह मकड़ी वायोलीन स्पाइडर के रूप में जानी जाती है। इस मकड़ी को चार आंख और आठ पैर होते हैं। इसका एक ही डंक जानलेवा होता है। बायोसायंस प्रमुख डॉ. वर्षाबेन त्रिवेदी ने बताया कि इससे पहले इस प्रकार की मकड़ी दक्षिण भारत में देखी गयी थी। देश में दूसरी बार अब राजकोट में दिखाई दे रही है।

डंक मारने पर मकड़ी का जहर पूरे शरीर में फैल जाता है
डॉ. वर्षाबेन ने बताया कि वायोलीन स्पाइडर के एक ही डंक से आदमी की मौत हो जाती है। डंक मारते ही मकड़ी का जहर चेतनातंतु के जरिए आदमी के पूरे शरीर में फैल जाता है। गुजरात के अलावा इस प्रकार की मकड़ी के और कहीं नहीं दिखाई देने का भी दावा किया गया है।
विद्यार्थियों ने युनिवर्सिटी कैम्पस में 100 मकडिय़ों की खोज की है जिसमें एक यह भी है। वायोलीन स्पाइडर यानी चार आंखों वाली जहरीली मकड़ी संस्कृत भवन की लायब्रेरी से पायी गयी है। कुछ दिन पहले ही लायबे्ररी में विदेश से पुस्तकें आयी थी। छात्र पुस्तकों को आलमारी में रख रहे थे।

शरीर का कद मोटा
वायोलीन स्पाइडर का शरीर मोटे कद का है। वायोलीन स्पाइडर के मिलते ही माइक्रोस्कोप की मदद से परीक्षण किया गया। इस प्रकार की मकड़ी उत्तरी अमेरिका में बहुतायत पायी जाती है।

डंक मारने से चमड़ी गलने लगती है
वायोलीन स्पाइडर के पाए जाने के बाद अमेरिका के मीनोसोटो युनिवर्सिटी के प्रोफेसर झे क्रेमर का संपर्क किया गया। झे क्रेमर ने बताया कि इस प्रजाति की मकड़ी के एक डंक मारने से चमड़ी गलने लगती है। इस प्रकार की मकड़ी के शरीर पर वायोलीन का निशान होता है इसलिए इसे वायोलीन स्पाइडर के रूप में पहचाना जाता है। झे क्रेमर पिछले 17 साल से मकड़ी पर संशोधन कर रहे हैं। दुनिया में पायी जाने वाली 37 प्रकार की जहरीली मकडिय़ों में यह भी एक है। मकड़ी पर किए गये संशोधन को जल्द ही मिनिस्ट्री ऑफ एन्वायरमेंट एंड सायंस विभाग में प्रस्तुत किया जाएगा।