तिब्बत में शव काटकर गिद्धों को खिलाने की परंपरा


बीिंजग। तिब्बत की एक परंपरा सबको हैरान कर देने वाली है। यहां बौद्ध भिक्षुओं और नन के शव को काटकर गिद्धों को खिलाया जाता है। यह परंपरा तिब्बत के साथ-साथ विंâगघई और मंगोलिया में प्रचलित हैं। जानकारी के अनुसार ऐसा ही रिवाज तिब्बत की लारूंग वैली में निभाते आ रहे हैं। रिवाज के अनुसार बौद्ध भिक्षु और नन किसी के मरने पर उसकी लाश को काटते हैं और फिर लाश के टुकड़े-टुकड़े कर गिद्धों को खिला देते हैं। तिब्बत, िंकगघई और मंगोलिया में ये प्रथा बरसों से निभाई जा रही है। जब ये प्रथा निभाई जाती है तो उस वक्त मरने वाले के रिश्तेदार भी वहां पर मौजूद होते हैं। इस प्रथा के पीछे ये तर्वâ दिया जाता है कि इससे मरने वाले को जन्नत नसीब होती है। कहा जाता है कि मरने वाले की आत्मा को ये गिद्ध ही जन्नत तक लेकर जाते हैं और फिर वहां उन्हें अगला जन्म मिलता है। तिब्बत में ऐसी मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति इस प्रथा को नहीं निभाता है तो मरने वाले की आत्मा को शांति नहीं मिलती है। कई अन्य प्रथाओं की तरह ही ये प्रथा भी ऐसी है जिसकी बहुत कम तस्वीरें और जानकारी लोगों के सामने आई हैं। इसका एक कारण ये है कि प्रथा को अंजाम देते वक्त किसी भी अनजान व्यक्ति को पास आने की मनाही है।