डार्विन के अनुसार ही अब भी हो रहा विकास


– आज भी प्रासंगिक संघर्ष जीवत्व
वाशिंगटन। एक अध्ययन में पाया गया है कि मानव का अब भी विकास हो रहा है यद्यपि आधुनिक आवास, मेडिकल साइंस, प्रचुर एवं विविध आहार अधिकांश आबादी के जीवन अथवा मृत्यु के संघर्ष के प्राकृतिक वातावरण से काफी अगल है। वैज्ञानिकों ने बताया कि २५० वर्ष पहले औद्योगिक क्रांति की शुरूआत से पश्चिमी देशों में मृत्यु दर में गिरावट एवं घटते हुए परिवार के आकार ने भी डार्विन के विकास के सिद्धांत तथा मानव जीन पूल पर प्रभाव नहीं डाल सका है। शोधकर्ताओं ने १८वीं सदी के शुरूआत से फिनलैंड में चर्च से प्राप्त जन्म, शादी एवं मृत्यु के लिए १० हजार से अधिक परिवारों के बीच विश्लेषण किया एवं निष्कर्ष पर पहुंचे कि विकास अब भी जारी है। स्वीडन में उप्पसाला विश्वविद्यालय के एलिजाबेथ बोलन्ड ने बताया कि मानव का विकास अब भी जारी है जब तक कुछ लोगों के पास अधिक बच्चे है एवं अन्य के पास कम है तो विकास बाद की संभावना बनी रहेगी।