चेरापूंजी नहीं मासिनरम में होती है सबसे अधिक वर्षा


नई दिल्ली । दुनिया मे कई ऐसी जगह है जहाँ हर साल मौसम की वजह से कुछ अनोखा देखने को मिलता है कहीं बारिश लगातार होती है रुकने का नाम नहीं लेती। तो कहीं साल भर पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं होती। भारत मे कुछ ऐसे उपमहाद्वीप है जो मानसूनी प्रदेशों में गिने जाते है, ये प्रदेश कर्वâ रेखा के निकट वाले भूखंड होते है इस कारण यहाँ जून से सितंबर तक के महीनो में भी मानसून बना रहता है। भारत के मेघालय प्रांत में स्थित चेरापूंजी को सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र माना जाता है। पर हकीकत में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा वर्षा वाली जगह है मेघालय का मासिनराम। यहां चेरापूंजी से भी १०० मिलीमीटर ज्यादा बारिश होती है। इसी वजह से मासिनराम का नाम गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स में दर्ज है। यहां औसतन हर साल ११,८७१ मिलीमीटर बारिश होती है। मासिनराम की रिकॉर्ड तोड़ बारिश में से ९० फीसदी महज छह महीनों के भीतर हो जाती है। यहां जुलाई में सबसे ़ज्यादा वर्षा होती है। पिछले वर्ष नवंबर-दिसंबर में तमिलनाडु में भारी बारिश हुई, इससे करीब एक महीने वहाँ के लोगो को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट, मोबाइल और एटीएम भी बंद करने पडे। ३० नवंबर की शाम तक ४८ घंटे में ही चेन्नई में ११९७ मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान करीब १५,००० करोड़ का नुकसान हुआ और ३०० से अधिक लोगों की जानें गई। हालांकि मौत के आंकडे कम रहे और इसकी वजह है भारतीय सेना। सेना ने बचाव ऑपरेशन काफी तेजी से चलाए और लाखों िंजदगियां बचा लीं गई।