चीनी ऊनी वस्त्रों में चूहे के बाल


नई दिल्ली। यदि आप चीनी ऊनी वस्त्रों के शौकीन हैं तो सावधान हो जाइये। कहीं ऐसा तो नहीं आपका महंगा ऊनी स्वेटर चूहे के बाल का बना हो। चीन, मंगोलिया की विशेष बकरियों के बाल से बनी ऊन के उत्पाद बेहद ऊंचे दामों पर कई देशों को निर्यात किए जाते हैं। बड़े पैमाने पर तस्करी से भी इन्हें पहुंचाया जाता है।
चीन की वंâपनियों पर आरोप लगाया गया है है कि वे विशेष प्रजाति की बकरी (कश्मीरी)के बाल से बने बता कर जो सबसे महंगे गर्म वस्त्र बेचती हैं उनमें चूहे के बाल की ऊन और सस्ते कृत्रिम रेशे होते हैं।
चीन की एक बड़ी वंâपनी को कोर्ट में घसीट लिया गया है। एडिनबर्ग वूलन मिल को गलत प्रचार व धोखाधड़ी के आरोप में अदालत में चुनौती दी गई है। चुनौती देने वाली एक पूर्व टीवी प्रेजेंटर महिला व कई अन्य लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीरी ऊनी वस्त्र बता कर उसे ठगा गया । स्वेटर में घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके ऊंची कीमत वसूली गई।
इस मामले में इसी सप्ताह सुनवाई होगी। वंâपनी ने आरोपों का खंडन किया है। चीन व मंगोलिया में कश्मीरी बकरी पालकों ने भी कहा है कि धोखाधड़ी करके उनके उत्पाद की बिक्री प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
दो साल पहले भी मामला सामने आया था चीन की एक फर्म ने रोम में लाखों वस्त्र भेज दिए थे जो कृत्रिम रेशों, चूहों तथा अन्य पशुओं के बाल की ऊन से बने थे, दावा कुछ और किया गया था, कीमत भी ऊंची थी। इन सबको जब्त कर लिया गया था। विश्व में इस प्रजाति की बकरी की ऊन का ७५ लाख किलो उत्पादन प्रति वर्ष होता है लेकिन इसके वस्त्रों का उत्पादन कहीं अधिक हो रहा है।