क्लास में खड़े रहने वाले बच्चे सीखते हैं ज्यादा


नई दिल्ली। कई बार शैतानी करने पर या पढ़ाई में ध्यान नहीं देने वाले छात्रों को शिक्षक क्लास में सजा देने के लिए खड़ा कर देते हैं। मगर, एक नए शोध से सामने आया है कि क्लास में खड़े होकर पढ़ने वाले बच्चे अन्य बच्चों की तुलना में अधिक सीखते हैं। इससे बच्चों के दिमाग को बूस्ट मिलता है। बच्चों की संज्ञानात्मक ज्ञान बढ़ता है और वे किसी टास्क में अधिक जुड़कर काम करते हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि डेस्क पर खड़े होकर पढ़ने से बच्चों का कॉग्निटिव पंâग्शन सात से १४ फीसद तक अधिक था। टेक्सास में इन्वायरमेंटल एंड ऑकुपेशनल हेल्थ के बारे में पढ़ाने वाली डॉक्टर रंजना मेहता ने बताया कि स्टैंिंडग डेस्क को स्वूâलों में लाया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि इसका एक अन्य लाभ यह भी है कि इससे बचपन में होने वाले मोटापे से लड़ने में बच्चों को मदद मिलेगी।
शोध दर शोध बताते हैं कि अक्रिय रहना नकारात्मक स्वास्थ्य परिणामों के रूप में सामने आते हैं, जिनमें हृदय की बीमारी, डायबिटीज और हायपरटेंशन आदि शामिल है। मगर, इनमें से अधिकांश को वयस्क पुरुषों के ऑफिस में काम करने के माहौल के साथ जोड़ा जाता है। साथ ही सेहत पर नकारात्मक प्रभाव को बैठे रहने से जोड़ा जाता है। इसलिए ऑफिस में स्टैंिंडग डेस्क की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती जा रही है। ज्यादा से ज्यादा चलना-फिरना हमारे शरीर के लिए अच्छा है। बीते कुछ वर्षों में कई शोधकर्ताओं ने पारंपरिक बैठने वाली डेस्क की जगह स्वूâलों की कक्षाओं में स्टैंिंडग डेस्क के उपयोग का मूल्यांकन करना शुरू किया है। इसके नतीजे चौंकाने वाले रहे हैं।