ऑपरेशन से किन्नर इच्छा के मुताबिक बनेगी महिला या पुरुष


रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब थर्ड जेंडर यानी किन्नरों को ऑपरेशन से उनकी इच्छा के मुताबिक महिला या पुरुष बनाया जाएगा। राज्य के समाज कल्याण व स्वास्थ्य विभाग ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु गई एक टीम ने स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट सौंप दी है। टीम ने वहां जाकर इस दिशा में हो रहे काम का जायजा भी लिया है। रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ऑपरेशन का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा जाएगा। शासन से हरी झंडी मिली तो थर्ड जेंडर ऑपरेशन के बाद सामान्य महिला या पुरुष की तरह जीने लगेंगे। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य निदेशक आर. प्रसन्ना ने बताया कि किन्नर को ऑपरेशन कर महिला या पुरुष बनाया जा सकता है। मनोवैज्ञानिक सलाह व सहमति के बाद ही किसी किन्नर का ऑपरेशन किया जाएगा। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद इस काम को आगे बढ़ाया जाएगा। किन्नरों के प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में स्वास्थ्य संचालक आर. प्रसन्ना से मुलाकात की थी। उनके ऑपरेशन का प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को पहले ही दिया गया था। फिर यह निर्णय लिया गया कि इस मामले में एक टीम तमिलनाडु जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे परामर्श व माता-पिता की सहमति के बाद ही किन्नर का ऑपरेशन किया जाएगा। किसी को जबर्दस्ती न महिला बनाया जाएगा और न ही पुरुष। स्वास्थ्य संचालक प्रसन्ना ने तमिलनाडु के एड्स कंट्रोल सोसाइटी के निदेशक डॉ. महेश्वरन से बात की थी। डॉ. महेश्वरन ने किन्नरों से जुड़े शोध व ऑपरेशन से जुड़ी सभी जानकारी देने का आश्वासन दिया था। प्रसन्ना ने बताया कि किन्नरों के हित के लिए यह अच्छा कदम हो सकता है। टीम की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि इस संबंध में कोई निर्णय लिया जा सके। अंबेडकर अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा नहीं होने के कारण प्रबंधन ने इस मामले में अपने हाथ खींच लिए। जानकारों के अनुसार, बड़े शहरों में इस तरह के ऑपरेशन होते हैं। इसमें लाखों रुपए खर्च होंगे। छत्तीसगढ़ में किन्नरों की संख्या तीन हजार के आसपास है। मितवा सामाजिक संस्था की विद्या राजपूत ने यह प्रस्ताव समाज कल्याण विभाग को दिया था। इसके बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को भी जोड़ा। विद्या के अनुसार, किन्नर के व्यवहार पुरुष व महिला की तरह होते हैं। इसमें जिसके शारीरिक लक्षण महिला की तरह होंगे, उन्हें ऑपरेशन कर महिला बनाया जाएगा। पुरुष की तरह जिसका व्यवहार या लक्षण होगा, उसे पुरुष बनाया जाएगा। ऐसा करने के बाद किन्नरों को भी सामान्य जीवन जीने में मदद मिलेगी।