आईआईटी मुंबई में वेज-नॉनवेज खाने को लेकर छात्रों में भारी गुस्सा


नियम पुराना सिर्फ मेल करके याद दिलाया
मुंबई (ईएमएस)। देश के प्रसिद्ध शिक्षा संस्थानों में से एक आईआईटी मुंबई एक बार फिर विवाद के कारण चर्चा में है। इस बार विवाद नॉन-वेज और वेज खाने को लेकर पनपा है। यहां एक ईमेल के जरिए छात्रों को कहा गया है कि जो नॉन वेजिटेरियन हैं वह मेन प्लेट में अपनी थाली ना मिलाएं। अग्रेंजी अखबार की खबर के अनुसार,12 जनवरी को आए एक मेल में इस बात की जानकारी दी गई है। छात्रों को ये मेल कैंटीन प्रमुख ने भेजी है। इसमें कहा गया है कि नॉन वेज खाने वाले छात्र केवल ट्रे थाली का ही उपयोग करे,और मुख्य थाली वाली जगह पर अपने प्लेट को मिक्स ना करें। इस तरह के फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लगातार छात्रों का गुस्सा जाहिर हो रहा है। इस हॉस्टल में करीब 300 छात्र रहते हैं। छात्रों ने इस बात का विरोध किया।स्टूडेंट काउंसिल की महासचिव रितिका वर्मा का कहना है कि ऐसा नियम नया नहीं है। ये काफी पहले से किया जा रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय से छात्र प्लेटों को मिक्स कर रह थे,इसलिए एक रिमाइंडर भेजा गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर आ रहे कमेंट्स की मानें तो हॉस्टल में मौजूदा छात्र इस मुद्दे पर बैठक कर सकते हैं।
बता दें कि हाल ही में कुछ दिनों पहले बीजेपी शासित साउथ एमसीडी ने रेस्टारेंट में बाहर टंगे नॉनवेज को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। इस प्रस्ताव के तहत रेस्तरां मालिक अब उनके यहां परोसी जाने वाली नॉनवेज डिशेज को रेस्ट्रॉन्ट के सामने डिस्प्ले पर नहीं रख सकते। निगम के मुताबिक ये कदम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। साउथ दिल्ली एमसीडी में हेल्थ कमेटी के सदस्य संजय ठाकुर के मुताबिक रेस्ट्रॉन्ट के बाहर खुले में नॉनवेज टांगना उस खाने वालों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।खुले में नॉनवेज टांगने से उसमे धूल लगती है और कई बार उस पर मक्खी बैठ जाती है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।