अब कैमरा आपको देखेगा नहीं बल्कि भीड़ में तलाश कर भी बता देगा


नई दिल्ली। अब तक वैâमरों से निगरानी होती थी। इसमें हुलिया सामने होता था लेकिन, तलाश एजेंसियों को ही करना होती थी। अब यह दूर की बात हो गई है। अब ऐसे हाईटैक वैâमरे आ गए हैं जो आपको भीड़ में तलाशने का भी काम करेंगे। इस तरह का प्रयोग म्यूनिख हवाई अड्डे पर शुरू भी हो गया है।
जानकारी के अनुसार अलेक्जांडर चीप इस तकनीक के विशेषज्ञ हैं। उनकी वंâपनी इसके लिए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर बनाती हैं। इन मॉडलों की कीमत १००० से १५०० यूरो है। चीप के मुताबिक उनका सिस्टम इतना इंटेलिजेंट है कि वैâमरों को प्रोग्रािंमग के जरिए खोज अभियान में लगाया जा सकता है। यह तकनीक कद के लिहाज से बच्चों और बड़ों में अंतर कर सकती है। इसके लिए वैâमरों में एक सर्च प्रोग्राम लोड करना होता है। वैâमरे में जिस संदिग्ध व्यक्ति की तलाश है उससे जुड़ी जानकारी देनी होती है। इसके बाद वैâमरा उसे तलाशने का काम करता है। इतना ही नहीं शख्स के मिलने पर वह सिग्नल भी देता है। अलेक्जांडर चीप सुरक्षा के क्षेत्र में इसे बड़ी छलांग मानते हैं। वो कहते हैं, ‘हम इस हालत में हैं कि चीजों को लंबाई, चौड़ाई और आकार के हिसाब से बांट सकते हैं। हम कह सकते हैं कि सिर्पâ सूटकेस खोजो, व्यक्ति को नहीं, या फिर सिर्पâ उस इंसान को ढूंढो, सूटकेस नहीं।’ म्यूनिख हवाई अड्डे के चेक इन काउंटर पर हर यात्री का आईडेंटी कार्ड स्वैâन किया जाता है। अब अगर सिक्यूरिटी गाड्र्स किसी को खोजना चाहें, तो तस्वीर की मदद से हवाई अड्डे पर लगे वैâमरों को सर्च के लिए प्रोग्राम किया जा सकता है। निगरानी की तकनीक बेहतर होती जा रही है। जैसे जैसे अपराध बढ़ रहे हैं, वैसे वैसे लोगों में नई सुरक्षा तकनीक के प्रति स्वीकार्यता भी बढ़ रही है।