अब उम्र बढ़ने की गति होगी धीमी


नई दिल्ली। बढ़ती उम्र पर काबू कर पाना अब संभव हो गया है। एक नए प्रयोग से अब लोग ज्यादा दिनों तक जवानी के दिन देख सकते है। वैज्ञानिको द्वारा किए गए इस प्रयोग को पहले चूहों पर किया गया और अगला लक्ष्य मानव हो सकता है। प्रयोग उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी करने से संबंधित है। जेनेटिक इंजीनियिंरग में महारथ दिखाते हुए विज्ञानियों ने चूहे की कुदरती आयु २५ प्रतिशत तक बढ़ाने का उपाय खोज निकाला है। अमेरिका के मेयो क्लीनिक कॉलेज ऑफ मेडिसिन के चिकित्सकों डॉ डेरेन बेकर और जान वान डियुर्सेन ने कहा कि चूहे के शरीर की कुछ सक्रिय और कुछ ाqस्थर कोशिकाओं को व्यवाqस्थत तरीके से हटाकर यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उम्र बढ़ने (एिंजग) की जटिल प्रकिया के क्षेत्र में इस खोज के बाद एक अमेरिकी बायोटेक वंâपनी ने इस उपाय को मानव पर भी प्रयोग करने की योजना बनाई है। विज्ञानियों का कहना है कि कुछ कोशिकाओं को हटाने से उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है तथा बढ़ती उम्र की बीमारियों, मोतियािंबद, हृदय रोग और किडनी की क्षमता कम होने आदि को विलंबित किया जा सकता है, वैंâसर को भी रोका जा सकता है। हटाई जाने वाली सेनेसेंट कोशिका काफी सामान्य होती है लेकिन जिनका विभाजन होना बंद हो जाता है, यानी वह और कोशिकाएं बनाने में अक्षम होती हैं। ये शरीर के हर हिस्से में मौजूद होती हैं। यही कोशिकाएं उम्र बढ़ने का कारण बनती हैं। नया शोध सात साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है, सेनेसेंट की नकारात्मकता का उदाहरण बताते हुए डॉ बेकर ने कहा, ये टयूमर दबाने वाले प्रोटीन के अणु पी-१६ को छिपा लेती हैं। विज्ञानियों ने चूहे में ऐसी कोशिकाओं के साथ विशेष जेनेटिक लाइन विकसित की जो उस समय शक्तिशाली प्रोटीन (कास्पासे) पैदा कर सवेंâ जब सेनेसेंट कोशिकाएं पी-१६ को छिपाती हैं। यह प्रोटीन ऐसा आत्मघाती बटन है जिसे यदि कोशिका में बनाया जाए तो वे तेजी से मरने लगती हैं। इसके साथ ही विज्ञानियों ने सेनेसेंट कोशिकाओं को खत्म करने के लिए दवा र्नििमत काल घर बनाने में कामयाबी प्राप्त की है। दवा १२ माह के जेनेटिकली इंजीनियर्ड चूहे के पेट में इंजेक्ट की गई, हालांकि परिणाम वह नहीं रहा जिसकी अपेक्षा थी लेकिन लंबे शोध के बाद विज्ञानियों ने पाया कि चूहे की सामान्य आयु २५ प्रतिशत तक बढ़ गई और उनमें वैंâसर, मोतियािंबद तथा आयु संबंधी अन्य बीमारियों की रफ्तार भी धीमी रही। यूनिटी बायोटेक्नोलोजी ने कहा है कि वहअनुसंधान के विभिन्न पहलुओं को मानव पर इस्तेमाल करने पर विचार करेगी। वंâपनी के अनुसार यह असाधारण उपलाqब्ध है, हम इस शोध का प्रयोग दवाएं बनाने में कर सकते हैं।
सुभारती/ईएमएस २२ फरवरी