विस्तार से जानिये कैसी है डैटसन की रेडी-गो


डैटसन की एंट्री लेवल हैचबेक रेडी-गो लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह से तैयार है। एंट्री लेवल सेगमेंट में लॉन्चिंग के बाद इसका मुकाबला मारूति ऑल्टो-800, हुंडई इयॉन, रेनो क्विड और टाटा नैनो से होगा। यह सेगमेंट भारतीय कार बाज़ार में बिक्री, मांग और कीमत के लिहाज़ से काफी अहमियत रखता है। रेडी-गो को रेनो क्विड के प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। क्विड के इंजन और प्लेटफॉर्म के अलावा यह पूरी तरह से नई कार है। यहां हम बारीकी और विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे कि कैसी है डैटसन की यह नई पेशकश…

एक्सटीरियर

चार साल पहले डैटसन ने जिस कॉन्सेप्ट को पेश किया था, रेडी-गो उसके काफी करीब है। क्विड की तरह ही डिजायन के मामले में यह अपने सेगमेंट की दूसरी कारों से एकदम अलग है। इसे थोड़ा ऊंचा बनाया गया है और बॉडी पर शार्प लाइन दी गई हैं। कार के अगले हिस्से पर डैटसन की हैक्सागोनल ग्रिल मौजूद है। हैडलैंप्स रैप-अराउंड स्टाइल के हैं और इनमें क्रोम इंसर्ट दिए गए हैं।

अगले हिस्से में सबसे खास फीचर है डे-टाइम रनिंग एलईडी लाइटें, जिन्हें बंपर के नीचे दिया गया है। ये फीचर सेगमेंट में पहली बार देखने को मिला है। हालांकि यहां फिनिशिंग की कमी नज़र आती है। लाइटों के ऊपर का हिस्सा खुला छोड़ दिया गया है। बंपर के नीचे का हिस्सा काले रंग में है, यह कंट्रास्ट अहसास देता है। कुल मिलाकर आगे से कार अच्छी दिखती है। साइड प्रोफाइल की बात करें तो कार की ऊंचाई काफी है। यह देखने में प्रभावशाली लगती है। बॉडी की शार्प लाइनें टेललैंप्स तक जाती हैं। हालांकि डिजायन एक ऐसा मामला है जहां हर किसी की राय अलग होती है। कुछ को रेडी-गो की यह बॉडी लाइन काफी पसंद आ सकती हैं तो कुछ को अटपटी भी लग सकती हैं। टेललैंप्स, कार की रूफ (छत) और बॉडी लाइन मिलकर वी शेप बनाती हैं। खासतौर पर रात में इन टेललैंप्स की जगमगाहट काफी अच्छी लगती है।

पीछे की तरफ का डिजायन साधारण ही है लेकिन यह बाकी कारों के मुकाबले अलग है। पिछली विंडशील्ड को टेललैंप्स के साथ थोड़ा ऊंचा रखा गया है। बूट डोर पर क्रोम स्ट्रिप दी गई है। यह ट्रीटमेंट इसे क्लासिक लुक देता है। पिछला बंपर बड़ा है और कार ऊंची नज़र आती है।

इंटीरियर

कार का डैशबोर्ड पूरी तरह से नया है। यहां छोटी-मोटी चीजें रखने के लिए काफी स्टोरेज़ स्पेस दिया गया है। ऑडियो सिस्टम को सेंटर में दिया गया है। एसी के कंट्रोल को थोड़ा दाईं तरफ रखा गया है। हालांकि सेंटर में मौजूद गोल शेप का सिंगल एसी वेंट थोड़ा अजीब लगता है। स्टीयरिंग व्हील एकदम सिंपल है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में भी सिंगल एनालॉग डायल स्पीडोमीटर यूनिट दी गई है। इसके चारों तरफ वॉर्निंग लाइट दी गई हैं।

रेडी-गो का केबिन काफी बड़ा है। सीट अपहोल्स्ट्री में हल्के हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। डैशबोर्ड के रंग को भी हल्का रखा गया है। केबिन में एक खास बात यह है कि बॉडी पैनल को खुला रखा गया है। आमतौर पर इन्हें कवर रखा जाता है। चाहें तो इसे नया प्रयोग कह लें या फिर कंपनी द्वारा की गई कॉस्ट कटिंग। यह ऐसा है कि या तो एक बार में ही पसंद आ जाएगा या फिर नापसंद।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर रेडी-गो का डिजायन इस सेगमेंट की कारों के मुकाबले काफी नया और दिलचस्प है। हालांकि इसके टॉल बॉय (ऊंचे कद) की तारीफ शायद हर कोई न करे लेकिन डैटसन ने डिजायन के मामले में काफी मेहनत की है और यह बाहर से देखने में अच्छी लगती है। डैशबोर्ड का डिजायन थोड़ा बोरिंग है लेकिन यहां मौजूद स्टोरेज़ स्पेस इस कमी को नज़रअंदाज़ करने के लिए काफी है। हमें उम्मीद है कि डैटसन फ्रंट बंपर पर फॉगलैंप्स के हब और केबिन में बी और सी पिलर के खुले हिस्सों को कवर कर देगा, इससे रेडी-गो की खूबसूरती और बढ़ जाएगी।

स्रोत : कार देखो.कोम