भारत में क्यों लाॅन्च होनी चाहिए टोयोटा सी-एचआर, जानिए कारण


देश में काॅम्पेक्ट एसयूवी/क्राॅसआॅवर सेगमेंट की बढ़ती सफलता को देखते हुए टोयोटा इस सेगमेंट में काफी समय से एक एंट्री लेवल एसयूवी लाना चाह रही है। अभी हालही में कंपनी की सी-एचआर क्राॅसआॅवर की कुछ इमेज आॅनलाइन लीक हुई है। ऐसे में इस काॅम्पेक्ट एसयूवी के भारत में भी लाॅन्च होने की चर्चाएं काफी तेज हो गई है। इस कार का भारत में लाॅन्च होना या न होना तो बाद में तय होगा। लेकिन टोयोटा को यह कार देश में लाॅन्च क्यों करनी चाहिए, आइए जानते हैं प्रमुख कारण …..

1. भारत में टोयोटा ने यूटीलिटी सेगमेंट में अच्छी पकड़ बनाई हुई है। वर्तमान में टोयोटा फॉर्च्यूनर को इस सेगमेंट का बादशाह माना जाता है, वहीं एमपीवी सेगमेंट में टोयोटा इनोवा का खासा दबदबा है। कुछ समय पहले तक इस सेगमेंट में क्वालिस काफी पाॅपुलर एसयूवी थी जिसे अब डिस्कंटीन्यू कर दिया गया है। कंपनी की फाॅरच्यूनर और इनोवा के बीच का स्थान भरने में सफल साबित हो सकती है।

2. काॅम्पेक्ट सेगमेंट में इस समय हुंडई क्रेटा का दबदबा है, जबकि ऐसा ही कुछ रेनो डस्टर के साथ था जब वह लाॅन्च हुई थी। वर्तमान में काॅम्पेक्ट सेगमेंट में हुंडई क्रेटा व रेनो डस्टर के अलावा फोर्ड ईकोस्पोर्ट और एस क्राॅस भी मौजूद हैं। इसके अलावा सेंगयाॅन्ग की टिवोली भी वेटिंग लाइन में रखी है। ऐसे में टोयोटा अपनी सी-एचआर को इस सेगमेंट में उतार कर कोई गलती नहीं कर रही है।

3. भारत में बढ़ती काॅम्पेक्ट एसयूवी/क्राॅसआॅवर की मांग और टोयोटा ब्रांड की पाॅपुलर्टी के चलते हम उम्मीद कर सकते हैं कि टोयोटा अपनी सी-एचआर कार के साथ इस सेगमेंट में कदम रखेगी और अपनी पाॅपुलर्टी को भुनाने की कोशिश करेगी।

यूरोपियन बाजार में टोयोटा सी-एचआर का मुकाबला फिएट 500एक्स, होंडा एचआर-वी, जीप रेनेगेड व सेंगयाॅन्ग टिवोली सहित अन्य माॅडल्स से होगा। यदि भारत में यह कार लाॅन्च होती है तो इसका मुकाबला हुंडई क्रेटा, रेनो डस्टर, मारूति एस क्राॅस और ईकोस्पोर्ट से होगा।

स्रोत : कार देखो.कोम