केजरी के लिए वोट मांगेंगे नीतीश कुमार : 1 साल पहले भाजपा की विरोधी थीं किरण : दिग्विजय


साल पहले भाजपा की विरोधी थीं किरण: दिग्विजय
हैदराबाद। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव दिग्विजय िंसह ने दिल्ली में किरण बेदी को भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार बनाए जाने पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि वह उस भाजपा में वैâसे शामिल हो गर्इं जिस पर वे सिर्पâ एक साल पहले तक हमला बोला करती थीं।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश मामलों के प्रभारी दिग्विजय ने यहां मीडिया से बातचीत में सवाल उठाया कि पुलिस की सेवा के बाद राजनीति में आई किरण को क्या सिर्पâ एक साल में ही भाजपा के बारे में सच का अहसास हो गया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय राजधानी में १५ साल के शासन के दौरान मेट्रो रेल, सड़कों का विकास, झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों का कल्याण जैसी कई परियोजनाओं को शुरू किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी सात फरवरी को दिल्ली में होने वाले चुनाव में उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने वेंâद्र की राजग और तेलंगाना के टीआरएस प्रशासन पर आरोप लगाया कि तेल की कीमत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमी आने के बाद भी वे उपभोक्ताओं तक इसका फायदा नहीं पहुंचा रहे हैं। इसके उलट राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त वैट लगाकर लोगों पर भार डाला जा रहा है।

केजरी के लिए वोट मांगेंगे नीतीश कुमार
नई दिल्ली । दिल्लीr विधानसभा चुनाव में एक के बाद एक नए राजनीतिक समीकरण सामने आ रहे हैं। अब बदले राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार जेडीयू सुप्रीमो नीतीश कुमार अरविंद केजरीवाल के लिए दिल्लीr में प्रचार करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश ३० जनवरी से दिल्लीr में बिहार और यूपी के वोटरों से केजरीवाल की पार्टी को वोट करने की अपील कर सकते हैं। सबसे दिलचस्प बात है कि दिल्लीr में जेडीयू खुद कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रही है। दिल्लीr में विधानसभा चुनाव ७ फरवरी को होने हैं। जेडीयू के एक सीनियर नेता ने बताया कि नीतीश कुमार और आप नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बातचीत हो गई है और नीतीश कुमार इसके लिए तैयार भी हो गए हैं। आप का भी मानना है कि नीतीश की अपील का असर उन सीटों पर पड़ सकता है, जहां बिहार के वोटर अधिक संख्या में हैं। इससे पहले बीजेपी ने भी बिहार के सांसदों को उन इलाकों में प्रचार करने के लिए उतारा था, जहां बिहार के वोटर अधिक हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश इस मसले पर एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से भी सलाह करने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे। जेडीयू के अनुसार, चूंकि अब जनता परिवार एक हो रहा है, ऐसे में इस मुद्दे पर दूसरे सहयोगियों से भी बातचीत जरूरी है। वहीं जेडीयू सांसद अली अनवर ने कहा कि अगर नीतीश चुनाव प्रचार करते हैं, तो यह बहुत दूरदर्शिता वाला और सही फैसला होगा। उन्होंने कहा कि नीतीश के प्रचार का बड़ा लाभ आप को बीजेपी को हराने में मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार नीतीश उन सीटों पर आप के लिए प्रचार करेंगे, जहां जेडीयू उम्मीदवार नहीं हैं। पार्टी के एक नेता ने बताया कि स्थानीय संगठन दिल्लीr में चुनाव लड़ना चाहती थी, इसीलिए पार्टी की ओर से उम्मीदवार उतारे गए हैं। इससे पहले आरजेडी नेता पप्पू यादव भी पिछले दिनों अरविंद केजरीवाल को बीजेपी के खिलाफ बन रहे मोर्चे में शामिल करने की वकालत कर चुके हैं।

महिला सुरक्षा की बाते करने वाली किरण की पार्टी में ही हैं दुष्कर्मी: केजरीवाल
नईदिल्ली। अब दिल्ली चुनावी मैदान पर राजनीतिक पार्टी के लोग खुलकर एक-दूसरे पर जवाबी हमला बोल रहे हैं। दिल्ली की जंग केजरीवाल बनाम किरण बेदी पर सिमटी नजर आ रही है, इसलिए कभी एक-दूसरे के साथी रहे किरण बेदी और केजरीवाल अब खुलकर एक-दूसरे पर जवाबी वार कर रहे हैं। केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी जिन विचारों व मूल्यों के लिए जानी जाती हैं, उनकी पार्टी उसके ठीक विपरीत है। मैं इस बात से अचंभित हूं कि उन्होंने उस पार्टी के साथ सामंजस्य वैâसे बिठाया और वह अपने बारे में लोगों को क्या जवाब देंगी। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के खिलाफ इस बार ‘करो या मरो’ की आक्रामकता के साथ चुनाव लड़ रहे केजरीवाल ने कहा कि उन्हें इस बात का अहसास है कि पिछले साल ४९ दिनों की सरकार चलाने के बाद उनके इस्तीपेâ से मध्यवर्ग के कुछ लोगों का उनसे मोहभंग हुआ था, लेकिन इस्तीपेâ का कारण जानने के बाद अब वे लोग भारी तादाद में उनकी पार्टी के पक्ष में आ गए हैं।
उन्होंने कहा कि किरण बेदी महिलाओं की सुरक्षा की बातें करती हैं और उन्होंने जिस पार्टी को ज्वाइन किया है, उसी पार्टी के एक मंत्री एक व्यक्ति पर दुष्कर्म का आरोप हो? ऐसे में वो वैâसे महिलाओं की सुरक्षा की बातें कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह (किरण बेदी) पारर्दिशता के लिए जानी जाती हैं, लेकिन उनकी पार्टी अपनी पंâिंडग को पारदर्शी नहीं रखना चाहती। भाजपा हर पार्टी से ज्यादा पैसे खर्च करती है, मगर इतने पैसे उसके पास कहां से आ रहे हैं, यह कभी नहीं बताती।