अमीर कुत्तों के लिए गरीब कुत्तों का खून चूस रहे डॉक्टर्स


कानपुर। आपने अब तक धर्मेंद्र को फिल्मों में डायलॉग मारते देखा होगा जिसमें वो कहते हैं ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा’। फिल्मों का यह डायलॉग अब असल िंजदगी में कुछ हद तक सच होता दिख रहा है। दरअससल कानपुर में एक ऐसा बिजनेस जोरों पर है जिसमें अमीरों के कुत्तों के लिए गरीब और सड़क पर घूमने वाले कुत्तों का खून निकाला जा रहा है। खबरों के अनुसार कानपुर में अमीर लोगों के कुत्तों में होने वाली हिमोग्लोबिन की कमी सड़कों पर घूमने वाले कुत्तों से निकालकर पूरी की जाती है। डॉक्टर इस तरह हर बार १५ हजार रुपये तक कमा लेते हैं। बताया जाता है कि शहर में किसी जानवरों के डॉक्टर के पास कोई कुत्ता इलाज के लिए लाया जाता है और उसमें खून की कमी होती है तो डॉक्टर उसे यह खून चढ़ाते हैं। डॉक्टरों के लिए इस खून की व्यवस्था करना बेहद आसान है। वो सड़कों पर घूमते हुए कुत्तों को पुचकार कर अंदर लाते हैं और फिर बेहोश कर खून निकाल लेते हैं। इस खून का अन्य कुत्तों पर उपयोग से पहले उसकी जांच की जाती है। जहां डॉक्टरों को इसके लिए कोई खर्च नहीं करना पड़ता वहीं मरीजों से इसके लिए वो १५ हजार रुपये तक ले लेते हैं। डॉक्टरों की यह हरकत सामने आने के बाद अब एनिमल एाqक्टविस्ट ग्रुप इसके खिलाफ आवाज उठाने की तैयारी में हैं।