World Milk Day : बच्चे की सेहत के लिये जन्म से दो वर्ष तक माँ का दूध सर्वश्रेष्ठ होता है


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आज एक जून दुनिया भर में विश्व दुग्ध दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में आज के दिन आपके साथ दुध के विषय में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य शेयर करना प्रासंगिक होगा। इससे पहले कि आगे बढ़ें एक बात आपको जान लेनी चाहिये और अपने परिवार, मित्रों और अन्यों के साथ शेयर करनी चाहिये कि नवजात बच्चे के लिये जन्म से दो वर्ष तक मां के दूध से बेहतर दूसरा कोई आहार नहीं होता। साथ ही दो वर्ष से लेकर हर उम्र के व्यक्ति को रोज़ एक गिलास दूध जरुर पीना चाहिये।

लोग ऐसा कहते हैं कि जो लोग मांस नहीं खाते उनके लिये तो दूध अनिवार्य है ही, लेकिन मांस खाने वाले दूध नहीं पियेंगे तो चलेगा। ऐसा नहीं है। दूध अपने आप में एक संपूर्ण पौष्टिक आहार है और शाकाहारी होंया मांसाहारी, सभी को दिन में एक गिलास दूध का सेवन जहां तक संभव हो अवश्य ही करना चाहिये।

दूध के सेवन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें ढेर सारे ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर की सेहत को बनाये रखने में मददगार साबित होते हैं, जैसे कैल्शियम, मैगनीशियम, जिंक, फॉस्‍फोरस, ऑयोडीन, आयरन, पोटेशियम, फोलेट्स, विटामिन ए, विटामिन डी, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी 12, प्रोटीन और स्वस्थ फैट। इतनी सारी जरूरत की चीजें शरीर में होने से व्यक्ति हमेशा मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत रहता है। आयुर्वेद कहता है कि दूध पीने से शरीर में ओज व रस बढ़ता है, पित्त कम होता है। दूध कफकारक, भारी और शीतल भी होता है। यह वीर्य को भी बढ़ाता है।

वैसे दिन भर में दूध आपको जब मन करे तभी ले सकते हैं। लेकिन यदि आप इसके पीछे के आयुर्वेदिक विज्ञान को फोलो करना चाहते हैं तो कुछ बिंदु काफी रोचक हैं। आयुर्वेद में तो किस जानवर का दूध मानव के लिये अधिक लाभदायी होता है, इसका भी जिक्र है। जैसे गाय, भैंस, बकरी, ऊंटनी, घोड़ी, हथिनी, गधी और स्त्री के दुग्ध का वर्णन आयुर्वेद में है। इन आठों में से स्त्री यानी मां का दुग्ध सर्वोत्तम बताया गया है। इसके बाद गाय और बकरी के दूध का नंबर आता है।

जहां तक दूध पीने के समय का संबंध है, जानकार कहते हैं कि सुबह-सुबह निकाला गया ताजा दूध शीतल होता है जो देर से पचता है। अतिसार के रोगियों के लिए यह बढिय़ा होता है। जबकि शाम को निकाला गया दूध कब्ज के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है। दूध को बहुत देर तक उबालना भी नहीं चाहिये, इससे वह भारी हो जाता है।

दूध के सेवन की उपयोगिता के बाद आपके लिये यह जानना भी काफी जरूरी है कि किन-किन खाद्य-पदार्थों के साथ इसे नहीं लेना चाहिये। यानि दूध के विरोधी आहार कौन-कौन से हैं।

  • सबसे पहले जान लें कि उड़द दाल और दूध दोनों ही पचने में समय लेते हैं इसलिये इन्हें एक ही वक्त में ना लें।
    यदि आपका वजन अधिक है तो केला और दूध साथ में न लें।
    दूध और दही से बनी चीजें साथ लेने से एसिडिटी, गैस, उल्टी और अपच की शिकायत हो सकती है।
  • जो लोग मांसाहारी हैं उन्हें हमेशा ध्यान रखना चाहिये कि दूध को मछली के साथ ना लें। मछली की तासीर गर्म और दूध की तासीर ठंडी होती है। इन्हें साथ लेने पर गैस, एलर्जी की समस्या हो सकती है।
  • यदि आप नींबू या खट्टी चीजें खा रहे हैं तो एक घंटे तक दूध लेने से बचें।
  • दूध के साथ चिप्स, नमकीन खाने से बचें। नमक के कारण दूध में मौजूद प्रोटीन का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसके अलावा इससे स्किन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • खाने में प्याज है तो उसके साथ या बाद में दूध लेने से बचें। इस कॉम्बिनेशन से दाद, खाज, खुजली, एग्जिमा जैसी स्किन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • मिर्च-मसाले वाला खाना खा रहे हैं तो इनके साथ दूध या दूध से बनी चीजें खाने से बचें। इन्हें साथ लेने पर पेट दर्द, एसिडिटी, गैस और उल्टी की समस्या हो सकती है।

कुल मिलाकर आज वर्ल्ड मिल्क डे पर संकल्प करें कि रोजाना एक गिलास दूध का सेवन कर सेहतमंद रहेंगे।