हैदराबाद वाले बयान पर केंद्रीय गृहराज्य मंत्री रैड्डी और औवेसी के बीच छिड़ी ‌शाब्दिक झड़प


(PC : siasat.com)

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री जी ‌किशन रैड्डी ने मंत्रालय का कार्यभार संभाल लिया है। इसके बाद उन्होंने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद को लेकर एक बयान दिया, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में गरमा-गरम बहस छिड़ गई है।

जे किशन रैड्डी ने अपने बयान में हैदराबाद को आतंकवादियों के लिये सुरक्षित पनाहगाह करार देते हुए कहा कि इस शहर में बर्मा और बांग्लादेश से आकर लोग अवैध रूप से रह रहे हैं और केंद्र सरकार इस पर उचित कार्रवाई करेगी।

गृह राज्य मंत्री के इस बयान के बाद AIMIM नेता असदुद्दीन औवेसी भड़क गये। औवेसी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में क्या कभी देश की आला एजेंसियों एनआईए, आईबी और रॉ ने कभी लिखित में दिया है कि हैदराबाद आतंकियों के लिये सेफ जोन यानि सुरक्षित पनाहगाह है? इस प्रकार की बयानबाजी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। औवेसी ने आगे कहा कि पिछले पांच वर्षों से क्षेत्र में शांति कायम है, कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई, धार्मिक त्यौहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुए हैं और शहर का विकास हो रहा है। ऐसे में मंत्रीजी को तेलंगाना के साथ क्या दुश्मनी है?

औवेसी के इस राजनीतिक हमले के बाद केंद्रीय गृहराज्य मंत्री जी किशन रैड्डी ने पुनः अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि देश में ऐसी जगहें हैं जहां आतंकी गतिविधियां बढ़ रही हैं। यदि बैंग्लुरू, भोपाल में कोई घटना होती है तो उसके तार हैदराबाद में सटे पाये जाते हैं। राज्य पुलिस, एनआईए ने हर २-३ महीनों में हैदराबाद से आतंकियों को पकड़ा है। मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा है।

उधर तेलंगाना राष्ट्रीय समिति के नेता आबिद रसुल खान ने टिप्पणी करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री का बयान निवेशकों और कारोबारियों के लिये गलत संकेत देता है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करती है तो उसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

देखना होगा हैदराबाद को लेकर छिड़ी यह राजनीतिक बयानबाजी यहीं रूक जाती है या आगे भी चलती है।