गुजरात की समुद्री सीमा में पकड़ी जा रही गई ड्रग्स का है कश्मीर कनेक्शन


(PC : Twitter/@IndiaCoastGuard)

मंगलवार को खबर आई थी ‌कि भारतीय कोस्ट गार्ड की एक विशेष टीम में बीच समुद्र अल मदिना नाम की पाकिस्तान के कराची से आ रही है नौका को पकड़ा। इस नौका से ६०० करोड़ रुपये की ड्रग्स भी बरामद की गई। नौका में सवार छ लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस नौका को गुजरात के कच्छ लाया गया और वहां एटीएस व अन्य सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार तस्करों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं।

 

बता दें कि यह आम तस्करी का मामला नहीं है। दरबसल परदे के बीच की सच्चाई यह है कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी सीमा पर पहरा इतना कड़ा कर दिया है कि अब वहां से अवैध रूप से भारत में ड्रग्स से लेकर हथियार और आतंकवादियों की घूसपैठ काफी मुश्किल हो गई है। भारत में ड्रग्स की तस्करी पाकिस्तान का पुराना धंधा है। ड्रग्स की इस तस्करी से मिलने वाली राशि का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिये किया जाता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में चौक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम के बाद तस्कर नये मार्ग की तलाशी में थे और उन्होंने गुजरात के समुद्री तट को अपनी पसंद बनाया है।

 

बता दें कि गुजरात की विशाल समुद्री सीमा तस्करी के लिये आसान मार्ग हो सकती है। कराची समुद्र तट भी तुलनात्मक रूप से गुजरात की समुद्री सीमा से नजदीक है। इसीलिये अब भारत में ड्रग्स घुसाने के लिये गुजरात के इस समुद्री मार्ग को अपनाया जाता है। गुजरात के समुद्री तट जैसे मांडवी, द्वारका आदि में उतारा गया माल सड़क मार्ग से पंजाब और जम्मू-कश्मीर सहित देश के अन्य शहरों में पहुंचाया जाता है और करोडों की कमाई की जाती है।

बता दें कि मंगलवार को कोस्ट गार्ड ने जो ६०० करोड़ रुपयों की ड्रग्स पकड़ी वह कोई अकेला मामला नहीं है। इससे पहले मार्च २०१९ में भी गुजरात एटीएस और कोस्ट गार्ड ने मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान से पोरबंदर जा रही नाव को निशाने पर लिया था। नाव को घेर लिये जाने के बाद गिरफ्तारी के डर से उसमें सवार तस्करों ने ड्रग्स समेत पूरी नाव को ही बम से उड़ा दिया। फिर भी एजेंसियों ने उस नाव से ५०० करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद की थी। इस कार्रवाई में ९ विदेशी तस्कर और ५०० करोड़ रूपये की १०० किलो हेरोइन बरामद की गई थी। नाव से पकड़े गये दो अफगानी नागरिकों से की गई पूछताछ के आधार पर कच्छ से बड़े ड्रग्सकांड का पर्दाफाश भी हुआ था।

इसी तरह मार्च महीने में ही कच्छ के पिंगलेश्वर समुद्री तट पर २४ करोड़ रूपये की मेथाम्फेटाईमाइन ड्रग्स पकड़ी गई थी जिसके आधार पर एटीएस ने दिल्ली के पहाड़गंज से कुन्नी नाम तस्कर को गिरफ्तार किया था।

इसी प्रकार पिछले वर्ष द्वारका से अजीज भगाड नामक शख्स को १५ करोड़ रूपये की हेरोइन के साथ गिरफतार किया गया था। उससे की गई पूछताछ से पता चला कि अप्रेल २०१८ में मांडवी में ३०० करोड़ रूपये की ड्रग्स सफलतापूर्वक लैंड हुई थी। इस मामले में एटीएस ने नेपाल से राजू दुबई और श्रीनगर से नजीर अहमद ठाकर नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था।

कुल मिलाकर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता के कारण पिछले कुछ समय से ड्रग्स की लैंडिंग मुश्किल होती जा रही है, इससे पाकिस्तान को करोडों का नुकसान हो रहा है और आतंकवाद को शह देने के लिये फंडिंग पर भी असर हो रहा है।