सबसे बड़ा सवाल : अमित शाह के बाद कौन बनेगा भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष?


(PC : deccanchronicle.com)

केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नई सरकार का गठन हो गया है। कल मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद आज शुक्रवार को मंत्रालयों का एलान भी कर दिया गया। अमित शाह जिन्होंने अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते भाजपा को लोकसभा चुनाव में 303 सीटें जीताने में अहम भूमिका निभाई, अब केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में नये किरदार में नजर आयेंगे। प्रधानमंत्री ने अमित शाह को गृह मंत्रालय का कार्यभार सौंपा है।

ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल राजनीतिक पटल पर यह ऊठ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर अब कौन पदारुढ़ होगा? भाजपा का अगला लक्ष्य दिल्ली, पश्चिम बंगाल और केरल में सरकार बनाने की है। ऐसे में पार्टी के भीतर वो कौन चेहरा हो सकता है जो इन तीन राज्यों में न सिर्फ पार्टी को सत्ता दिला सके, बल्कि कांग्रेस शासित जिन राज्यों में सरकारें डांवाडोल हैं वहां भी अपनी पार्टी की सरकार की संभावना तलाश सके।

सूत्रों की मानें तो फिलहाल दो नाम भाजपा अध्यक्ष की दौड़ में आगे चल रहे हैं। पहला नाम जे पी नड्डा का है और दूसरा नाम भूपेन्द्र यादव का।

बता दें कि जे पी नड्डा राज्य सभा के सांसद हैं और पिछली एनडीए सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के रूप में जिम्मेदारी वहन कर चुके थे। उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी की शुरूआत एबीवीपी से की थी। २०१२ में उन्हें राज्यसभा में भेजा गया था। अभी संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा के महागठबंधन के बाद ऐसा लग रहा था कि भाजपा को चुनौती मिल सकती है। लेकिन यूपी में भाजपा ने ६४ सीटें हासिल कर विरोधियों की सारी गिनतियों को गलत साबित कर दिया। यूपी में भाजपा को मिली यह अत्याशित सफलता जे पी नड्डा के लिये प्लस पोईंट है।

दूसरी ओर भूपेन्द्र यादव की गणना भाजपा में एक सशक्त संगठनकर्ता के रूप में की जाती है। विद्यार्थी काल से ही भाजपा में सक्रिय भूपेन्द्र यादव की गणना अमित शाह के विश्वसनीय के रूप में भी है। अजमेर में जन्मे भूपेन्द्र यादव पेशे से वकील हैं और राम मंदिर मामले में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वे राज्यसभा के सांसद हैं और वर्तमान में पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव और बिहार के प्रभारी भी हैं।

देखना होगा कि अमित शाह की जगह इन दो चेहरों में से एक को चुना जाता है या फिर कोई नया चेहरा उभर कर सामने आता है।