चौथी मंजिल से छलांग लगाकर कूदा और खरौंच तक नहीं आई!


(PC : tv9gujarati.in)

शुक्रवार को सूरत के सरथाना इलाके में चार मंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में जहां २३ मौतें हो चुकी हैं, वहीं चमत्कारित रूप से बचे बच्चों की कहानियां भी सामने आ रही हैं।

एक छात्र रोजमर्रा की तरह इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित अलोहा क्लासिज में अभ्यास के लिये आया हुआ था। रोजाना जहां ३०-४० विद्यार्थी हुआ करते थे, घटना वाले दिन सायं ४ बजे के करीब उनकी कक्षा में ६ विद्यार्थी थे। क्लासेज की महिला शिक्षिकाएं भी थीं।

उस प्रत्यक्षदर्शी छात्र ने बताया कि जब आग का धुंआ चौथी मंजिल पर आने लगा तो वे सीढी की ओर भागे लेकिन वहां से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर सभी मुख्य सड़क की ओर खुलने वाली खिड़की के पास आकर खड़े हो गये। छात्र ने बताया कि उसे सांस लेने में तकलिफ हो रही थी इसलिये वह अपना मुंह खिड़की के बाहर रख कर वहीं खड़ा रहा। नीचे भीड़ जमा थी। जब आग काफी बढ़ गई और खिड़की के पास खड़ा रहना भी मुश्किल होने लगा, तब नीचे से लोगों ने चिल्ला कर कूद जाने को कहा। मैँने भी बगैर कुछ सोचे चौथी मंजिल से छलांग लगा दी और नीचे लोगों ने मुझे बचा लिया।

बता दें कि इस छात्र को सौभाग्य से खरौंच भी नहीं आई। कहते हैं न जाको राखे साइंया मार सके ना कोय!