सूरत में बच्चे बदलने के आरोप के बाद पति पत्नी छोड़ गए बच्ची को, जानिये फिर क्या हुआ


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सूरत में नई सिविल अस्पताल में एनओसियु वॉर्ड में इलाज के लिए दाखिल किये गए बच्चे को बदल उसकी जगह बच्ची रख देने का आरोप लगाने वाले पति पत्नी बच्ची को अस्पताल में ही छोड़ कर चले गए। अधिकारियों ने इस विषय में पुलिस को खबर की, ‌जिसके बाद पुलिस ने इस बारे में जांच करनी शुरु की। हालांकि माता पिता कि ममता जागी और दोनो स्वयं सिविल अस्पताल में आए तथा स्वीकार किया की बच्ची उनकी ही है तथा कार्यवाही करके बच्चे को साथ ले गए।

क्या था पूरा घटनाक्रम

मूल यूपी के निवासी नैना बेन पटेल तथा उनके पति राजेश भाई पटेल एक जिवस के नवजात शिशु को सम्पूर्ण इलाज के लिए नई सिविल हॉस्पिटल में लाए थे। माता नैना बेन को नीजि अस्पताल में डिलिवरी में ज्यादा खर्च ना भुगतना पड़े इसलिए नई सिविल हास्पिटल में भेजा गया। हालांकि नई सिविल हॉस्पिटल में माता नैना बेन पटेल तथा उनके पति राजेश भाई पटेल ने अपना नवजात बालक बदल जाने का आरोप लगाया। इसके कारण हॉसपिटल तंत्र तथा खटोदरा प‌ुलिस की दौड़ धूप हो गई। माता पिता ने आरोप लगाया कि हॉसपिटल में उन्होने बच्चे को जन्म दिया तथा हॉस्पिटल में उनके बच्चे को बदल दिया तथा उन्हे बच्ची दे दी गई। देखें वीडियो

माता पिता के आरोप लगाते ही खटोदरा पुलिस हरकत में आ गई तथा पूरी जानकारी प्राप्त करी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक पांडेसरा में रहने वाले नैना ने पहले नीजि अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया जिसके बाद वे नई सिविल हॉस्पिटल में गए। हालांकि जिस नीजि अस्पताल में इस परिवार ने प्रसव कराया था उस अस्पताल में प्रसव कराने वाली डॉ. से पूछताछ के बाद पता चला कि  महिला ने बालक को नहीं अपीतु बालिका को ही जन्म दिया था।

डीएनए सैंपल भी लिए गए

पुरे मामले में कुछ सामने नहीं आने पर माता पिता तथा पुत्री का DNA जांच करके मामले की सच्चाई का पता लगाने का पुलिस ने निर्णय लिया। नई सिविल में उनका DNA sample लिया गया। रिपोर्ट एक महीने बाद आने वाली थी। हालांकि, रिपोर्ट आने से पहले, नैना और राजेश ने बेटी को रविवार रात को सिविल के एनआईसीयू वार्ड में छोड़ दिया और चले गए। अधिकारियों ने पुलिस को दंपति द्वारा बच्ची को छोड़ दिए जाने की जानकारी दी। घटना के बाद, पांडेसरा पुलिस ने एक और जांच की। इस बीच, माता-पिता तीन दिन बाद लड़की को लेने आए।

बाल कस्टडी

ममता जाग जाने से माता-पिता नैना और राजेश सिविल अस्पताल आए। और सीधा एनआईसीयू वार्ड में शिशु के पास जा पहुंचे। सके बाद लड़की अपनी होने का स्वीकार करके सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करके बच्ची को प्राप्त किया। उसके बाद बच्चे को घर ले जाया गया।