प्रियंका शर्मा की रिहाई में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को लताड़ा; प्रियंका ने कहा – माफी नहीं मांगूंगी


(PC : kalingatv.com)

भाजपा की युवा शाखा की कन्वीनर प्रियंका शर्मा की देरी में हुई रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना रूख कड़ा करते हुए पश्चिम बंगाल सरकार को आड़े हाथों लिया। अदालत ने दो-टूक कहा कि यदि उसने आदेश का तत्काल अमल नहीं किया गया तो अदालत की अवमानना का मामला बनेगा। यद्यपि, बाद में पुलिस ने देर से ही सही, शर्मा को रिहा कर दिया। बता दें कि प्रियंका शर्मा पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी का मीम बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने का आरोप था और इसी के चलते उसे गिरफ्तार किया गया था।

रिहाई के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रियंका शर्मा ने कहा कि उनकी रिहाई के आदेश कल ही दे दिये गये थे। लेकिन उन्हें १८ घंटों तक रिहा नहीं किया गया। उन्हें उनके वकील से भी नहीं मिलने दिया गया। उन्होंने जबरन मुझसे क्षमापत्र पर हस्ताक्षर कराए। लेकिन वे इस मामले को उसके अंजाम दे ले जायेंगी और माफी कतई नहीं मांगेगी।

इससे पहले प्रियंका शर्मा के वकील एनके कॉल ने अदालत को सूचना दी कि बिना शर्त जमानत दे दिये जाने के बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस उनकी मुवक्किल को परेशान कर रही है। रिहाई से पहले प्रियंका से क्षमापत्र पर दस्तखत करने को कहा गया जो पुलिस ने स्वयं तैयार किया था जिसमें लिखा था कि वे फिर कभी इस प्रकार की पोस्ट साझा नहीं करेंगी। कॉल ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद क्षमापत्र पर हस्ताक्षर कराकर २४ घंटे बाद उनके मुवक्किल को रिहा किया जाना एक बेहद परेशान करने वाला ट्रेंड जान पड़ता है।

उधर पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने अदालत को जानकारी दी कि प्रियंका शर्मा को मंगलवार सुबह ९.४० मिनट पर रिहा कर दिया गया। इस अदालत ने पूछा कि उसे तुरंत क्यों नहीं रिहा किया गया?

सनद रहे कि प्रियंका शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल पुलिस के खिलाफ कार्रवाई करने संबंधी एक याचिका दायर की है। अदालत ने कहा कि उस याचिका पर जुलाई के पहले सप्ताह में सुनवाई की जायेगी।