केरल के वायनाड ने रखी राहुल गांधी की लाज!


(PC : thehindubusinessline.com)

लोकसभा चुनाव 2019 में देश भर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम की सुनामी के लपेटे में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी आ गये हैं। राहुल गांधी उत्तरप्रदेश की अपनी पारंपरिक अमेठी सीट से भाजपा की स्मृति ईरानी के खिलाफ मैदान में थे और यह लिखे जाने तक लगभग १५ हजार वोटों से पीछे चल रहे थे। वर्ष 2014 में जहां लाखों के अंतर से जीतने वाले राहुल गांधी को इस बाद एक-एक वोट के लिये जद्दोजहद करनी पड़ रही है। इसी विपरीत हालातों में इस बार दो संसदीय क्षेत्रों से चुनाव लड़ने का राहुल गांधी का फैसला उपयुक्त ठहरा।

राहुल गांधी अमेठी के उपरांत केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं और कहा जा सकता है कि वायनाड ने राहुल गांधी की लाज रख ली। यहां से वे लगभग 4 लाख वोटों से आगे चल रहे हैं और यहां उनकी जीत लगभग सुनिश्चित है। लेकिन अमेठी का कुछ कहा नहीं जा सकता।

इस बार राहुल गांधी ने भाजपा और खास कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को घेरने में पूरा जोर लगा दिया। लेकिन सारी मेहनत कोई रंग नहीं ला पाई। कांग्रेस 2014 के चुनाव में जीती लोकसभा सीटों के आंकड़ें में कोई खास सुधार नहीं कर पाई। यह बताता है कि मूलभूत रूप से कांग्रेस में सांगठनिक रूप से ऐसी कोई खोट है जिसकी भरपाई न होने से जनता उसे पुनः स्वीकार नही कर रही है और जहां भाजपा विकल्प के रूप में है वहां भाजपा तथा जहां गैर भाजपाई क्षेत्रीय दल विकल्प के रूप में है वहां उसे लोग चुन रहे हैं।

खैर, जो भी हो इस बार राहुल गांधी संसद में अमेठी नहीं केरल के वायनाड का प्रतिनिधित्व करते हुए नजर आयेंगे।