वायनाड से राहुल ने भरा पर्चा, हजारों की जनमेदनी ने राहुल-प्रियंका को हाथों-हाथ लिया


(PC : Twitter/@INCIndia)

केरल के वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ने का निर्णय करने के बाद गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने औपचारिक रूप से अपना पर्चा भरा। कलपेट्टा स्थित कलेक्टरायल में नामांकन पत्र भरने के बाद वे सड़कों पर उमटे जनसैलाब के बीच ट्रक पर अपनी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ सवार होकर निकले और प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार किया। हर ओर कांग्रेस जिंदाबाद, राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लग रहे थे। समग्र जुलूस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी दिखे।

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बता दें कि वायनाड से राहुल गांधी का मुकाबला सीपीआई के पीपी सुनीर और एनडीए के तुषार वेल्लापेली के साथ होगा।

राहुल के यहां से चुनाव लड़ने के एलान के साथ वायनाड के लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। यहां के निवासियों को उम्मीद है कि राहुल के यहां से जीतने के बाद सांसद के रूप में वे यहां की लचर चिकित्सकीय हालत को सुधारेंगे। वर्तमान में स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारी की हालत में ६५ किमी दूर जाना पड़ता है और वहां जाते-जाते मरीज की हालत और खराब हो जाती है। यहां निजी अस्पताल हैं लेकिन उनके चिकित्सकों से लोग संतुष्ट नहीं हैं। वायनाड में अब तक मेडीकल कॉलेज भी नहीं है।

चिकित्सा के अलावा स्थानीय लोगों की रेलवे लाईन की भी मांग है। उनके अनुसार यदि यहां रेल लाईन आ जाती है तो एक स्थान से दूसरे स्थान पहुंचने में लगने वाला समय बचेगा और क्षेत्र में विकास की गति बढ़ेगी। वर्षों से इस क्षेत्र को रेल लाईन से जोड़ने की योजना कागजों पर ही है।

वायनाड पर्यटकों के लिये भी आकर्षण का बड़ा केंद्र है। यहां आनेवाले पर्यटकों बहुतया राष्ट्रीय राजमार्ग ७६६ का उपयोग करते हैं, जो बांदीपुर वन्यजीव संरक्षण से होकर गुजरता है। इस मार्ग पर वाहनों के हाथियों से टकराने के हादसों की वजह से रात ९ से सुबह ६ बजे तक वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे पर्यटन से जुड़े रोजगारों पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। स्थानीय लोग इस समयावधि को भी घटाना चाहते हैं।

वायनाड यूडीएफ का मजबूत गढ़ रहा है और जो कोई इसके समर्थन से चुनाव लड़ता है उसके हारने का प्रश्न ही नहीं रहता। स्थानीय लोगों का मानना है कि जब स्वयं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यूडीएफ के समर्थन से मैदान में हैं, तो यहां जीत अवश्यंभावी है।