विधानसभा चुनाव में जीत से ओवरकॉन्फिडैंट राहुल को भाजपा ने चटाई धूल


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लोकसभा चुनाव 2019 के रूझान और नतीजे कांग्रेस पार्टी के लिये तगड़ा झटका हैं। रूझानों के अनुसार जहां लोकसभा स्तर पर उनकी सीटें 2014 में प्राप्त सीटों के आसपास ही रहेंगी। लेकिन कांग्रेस पार्टी के लिये सबसे बड़ा नुकसान पिछले विधानसभा चुनावों में जो तीन राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में हुआ है। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनावों में यहां जो जमीन खोई थी, वह लोकसभा चुनाव में पुनः हासिल कर ली है।

२३ मई को मतगणना के दिन दोपहर तक जो रूझान प्राप्त हुए उसके अनुसार मध्यप्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस मुश्किल से एक सीट पर बढ़त बनाये हुए थी। वहीं छत्तीसगढ़ में केवल २ सीटों पर आगे चल रही थी। यानि शेष सभी सीटों पर भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली। कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका छत्तीसगढ़ में लगा जहां विधानसभा चुनाव में उसने ९० में से ६८ सीटें जीती थीं। १५ वर्ष के भाजपा शासन को खत्म करने के बाद सत्ता में आई कांग्रेस चंद महीनों में ही फिर से हार के कगार पर पहुंच गई। उधर राजस्थान और मध्यप्रदेश में पहले ही विधानसभा में काफी पतले बहुमत से सरकार में है।

बता दें कि लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष अपने आप को इन तीना राज्यों में तिली जीत के बाद कोन्फीडेंट होने के रूप में प्रस्तुत कर रहे थे। वे चुनावी मंचों और साक्षात्कार में कहते कि तीन राज्यों में उनकी जीत बताती है कि भाजपा को हराना नामुमकिन नहीं है और अन्य राज्यों में भी वे ऐसा करके दिखायेंगे। लेकिन दूसरी ओर भाजपा ने हारे हुए राज्यों में पुनः जीत हासिल करने के लिये जमीनी स्तर पर मेहनत की और हार के कारणों को पहचाना और ठोस रणनीति के तहत आवश्यक निर्णय किये। राहुल गांधी विधानसभा चुनाव में जीत को दोहराने के मुगालते में रह गये और तीनों गढ़ फिर से गंवा बैठै।