लाइसेंस रद्द करने वाली इमानदार महिला अधिकारी को मेडीकल स्टोर संचालक ने सरेआम गोली मारी


(PC : Twitter)

लाइसेंस रद्द करने के नाराज मेडिकल स्टोर संचालक ने दफ्तर में घुस कर महिला अधिकारी को गोली मारी

चंडीगढ़ (ईएमएस)। पंजाब के खरड़ में जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पद पर तैनात एक महिला अधिकारी नेहा शौरी की शुक्रवार को उनके कार्यालय में एक व्यक्ति ने गोली मार कर हत्या कर दी। सन 2009 में जब नेहा रोपड़ में तैनात थीं, उस दौरान उन्होंने आरोपी के मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की थी और उसका लाइसेंस कैंसल कर दिया था। इसी का बदला लेने के लिए उसने हत्या कर दी।

पुलिस ने कहा अधिकारी नेहा शौरी खरड़ में दवा और खाद्य रासायनिक प्रयोगशाला में तैनात थीं। वह मोहाली और रोपड़ जिलों के लाइसेंस का काम संभालती थी। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि मोरिंडा के रहने वाले आरोपी बलविंदर सिंह ने अधिकारी के कार्यालय में सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से नेहा को तीन गोलियां मारीं। पुलिस ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू की गई है। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी बलिंदर मोरिंडा में दवा की दुकान चलाता था और 2009 में नेहा ने उसकी दुकान पर छापा मारा था।

छापेमारी के दौरान नेहा ने वहां से नशीली दवाएं बरामद की थीं। जिसके बाद नेहा ने उसके दवा दुकान का लाइसेंस रद्द कर दिया था। माना जा रहा है कि लाइसेंस रद्द करने का बदला लेने के लिए ही नेहा की हत्या की गई है।

दूसरी ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को अधिकारी की हत्या के मामले की जांच शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के मुताबिक, नेहा को उनके ही दफ्तर में गोली मारने के बाद बलविंदर ने भागने की कोशिश की थी। इस दौरान एक व्यक्ति ने पीछा कर उसे पकड़ने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इससे डरकर बलविंदर ने खुद को भी गोली मार ली। नेहा शौरी के बारे में यह कहा जाता रहा है कि वह काफी ईमानदार अधिकारी थीं।