देश की जनता ने फकीर की झोली भर दी!


लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद दिल्ली में विजयोत्सव के दौरान बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

लोकसभा चुनाव में अप्रत्याशित जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में पार्टी मुख्यालय पर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। इस अवसर पर उनके साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित थे।

बारिश की फुहारों के बीच कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आज स्वयं मेघराजा भी विजय उत्सव में शरीक होने के लिये हमारे बीच हैं। उन्होंने कहा कि देश को आजादी मिली उसके बाद से कई चुनाव हुए लेकिन सर्वाधिक मतदान इस चुनाव में हुआ और वो भी ४१-४२ डिग्री तापमान में। आज देश के कोटि-कोटि नागरिकों ने इस फकीर की झोली को भर दिया है। मैं भारत के १३० करोड़ नागरिकों का सिर झुकाकर नमन करता हूं। चुनाव परिणामों को लेकर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार के नतीजे आये हैं उसे देखते हुए राजनीतिक पंडितों को २०वीं सदी की अपनी विचारधारा को बदलना पड़ेगा।

विरोधियों पर बरसते हुए मोदी ने कहा कि २०१४ से २०१९ के आते-आते धर्मनिरपेक्षता की जमात ने बोलना बंध कर दिया। इस चुनाव में एक भी राजनीतिक कद धर्मनिरपेक्षता का नकाब पहन कर जनता को गुमराह नहीं कर पाया। मोदी ने आगे कहा कि आज देश में दो ही जातियां हैं – गरीब और दूसरी वह जो गरीबों को गरीबी से बाहर लाने में मदद करना चाहती है। मोदी ने कार्यकर्ताओं की मेहनत के विषय में कहा कि विरोधी हमारे ‘पन्ना प्रमुख’ का मजाक उड़ाते थे और आज उन्हीं ‘पन्ना प्रमुख’ का महत्व और ताकत देख सकते हैं।

 

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि उनकी पार्टी को मिली जीत ऐतिहासिक है। पचास वर्षों के बाद लगातार दूसरी बार संपूर्ण बहुमत के साथ नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने जा रही है। शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बेतहाशा हिंसा और हेराफेरी के बावजूद भाजना ने १८ सीटें हासिल की हैं। आने वाले दिनों में भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में अपना परचम लहरायेगी।

तेलगूदेशम के नेता चंद्राबाबू नायडू पर तंज कसते हुए अमित शाह ने कहा कि उन्होंने विपक्षी खेमे एकजुट करने में जितना समय गंवाया उतनी मेहनत वोट प्राप्त करने के लिये जनता के बीच जाकर की होती तो लोकसभा में अपना खाता खोल पाते।

चुनाव में अप्रत्याशित जीत का रहस्य उद्घोटित करते हुए शाह बोले कि उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया था कि मैदान में उतरें और कुल वोटिंग का ५० प्रतिशत हासिल करने के लक्ष्य के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि १७ राज्यों में जनता ने उन्हें ५० प्रतिशत वोट दिये हैं। दूसरी ओर कांग्रेस १७ राज्यों में अपना खाता भी नहीं खोल पाई है।