यह दो परिवार बने मतदान नहीं देने वालों के लिए एक सबक, घर में मातम के बाद भी दिया वोट


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लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में लोकतंत्र में भक्ति और विश्वास के दो अनोखे उदाहरण देखे गए। यहां दो घरों के लोग मातम छोड़ कर वोट डालने आए थे। एक महिला ने अपने पति के शव को दरवाजे पर रखकर पहले अपना वोट दिया, दूसरी तरफ दो भाई अपनी मां को अग्नी देकर सीधा वोट देने पहुंचे। ये दोनों दृश्य भावुक करने वाले तो थे ही, साथ ही साथ लोकतंत्र के ये दोनो दृश्य तथा इन लोगों की निष्ठा ऐसे लोगों के मुह पर करारा जवाब भी है जो मतदान के दिन घर पर आराम करते हैं और सरकार और व्यवस्था को दोष देते रहते हैं।

खड्डा क्षेत्र के गांव पनिहवा निवासी राजाराम निषाद कुछ दिनों से बीमार थे। रविवार को लोकसभा चुनाव में, परिवार के सदस्य अपना वोट देने जा रहे थे, उसी समय राजाराम की मौत हो गई। जिससे परिवार पर मानों पहाड़ टूट पड़ा हो जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी, फिर भी पत्नी ने धैर्य नहीं खोया। जो हुआ उसे स्वीकार करने के बाद, पति का शव घर पर छोड़ कर बूथ पर पहुंच गई। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए वोट की जरूरत है। मातम छोड़कर शांति को बूछ पर देख कर सभी चौंक उठे।

साथ ही नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के भुजौली शुक्ल के दो भाइयों, रामदरश और होमगार्ड रामदुलारे गौड़ की भक्ति को भी सलाम है। शनीवार शाम अपनी मां की मृत्यु के बाद, रविवार को अंतिम संस्कार करने के बाद रामदरश सीधा बूछ पर पहुंचे और मतदान किया तो रामदुलारे वोट देने के बाद चुनाव ड्यूटी पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि जो लोग वोट देने नहीं जाते हैं, उन्हें लोकतंत्र के इन परिवारों से सीखने की जरूरत है।