भाजपा ने हिंसा में मारे गए कार्यकर्तायों के परिजनों को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया


(Photo Credit : facebook.com/AmitShah.Official)

पीएम मोदी के दुसरी बार शपथ ग्रहण समारोह से पहले भाजपा ने मास्टरस्ट्रोक लगाया है। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा में मारे गए भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। भाजपा के इस कदम को पश्चिम बंगाल पहुंचने की कोशिश कर रही पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

30 मई को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन में दूसरी बार प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण करने वाले हैं। जिसके समारोह की तैयारी की जा रही है। इसके लिए BISMTEC देशों के राष्ट्रीय परिषद को आमंत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा, सभी राजनीतिक दल के अध्यक्ष, राजनीतिक हस्तियां, देश के मुख्य लोगों को बुलाया गया है। प्रोटोकॉल के अनुसार, सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, सभी उप-मुख्यमंत्रीयों और सांसदों को भी बुलाया गया है। साथ ही बड़े उद्योगपतियों, फिल्मी सितारों, खिलाड़ियों को पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।

इन वीआईपी मेहमानों में कुछ चेहरे ऐसे भी पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे, जिनके परिवार के सदस्यों ने पश्चिम बंगाल में बीजेपी को आगे बढ़ाने के लिए अपना बलिदान दिया है। बीजेपी ने ऐसे 54 लोगों को शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। भाजपा ने इन कार्यकर्ताओं के परिवार जनों को विशेष रूप से शपथ ग्रहण कार्यक्रम में बुलाया है। जिन कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है, दिल्ली में उनके परिवार के रहने के लिए भी पार्टी द्वारा व्यवस्था की गई है।

यदि आप निमंत्रण सूची को देखते हैं, तो आप महसूस करेंगे कि 16 जून 2013 से 26 मई 2019 तक, राजनीतिक हिंसा का शिकार बने परिवार के सदस्यों को निमंत्रण भेजा गया है। अभिलेखों के अनुसार, नृपेन मंडल, चंदन साव और शांतू घोष की हत्या हुई थी। बीजेपी ने उनके परिवार के सदस्यों को शपथ ग्रहण में बुलाया है।