मोदी की साधना के बाद केदारनाथ की ‘ध्यान गुफा’ में बढ़ रही पर्यटकों की रूचि


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केदारनाथ धाम स्थित ध्यान गुफा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साधना के बाद, देश-दुनिया के लोगों ने गुफा में रुकने की इच्छा व्यक्त की है। उसके बाद, गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) ने कुछ दिनों के लिए बुकिंग बंद कर दी है। निगम अब नई गाइडलाइन तैयार करने में जुटा है। अधिकारियों का कहना है कि लगभग 12500 फीट की ऊंचाई पर स्थित ध्यान गुफा में रहने का मौका एक पूर्ण रूप से स्वस्थ व्यक्ति को ही मिल सकता है।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ धाम से लगभग डेढ़ किमी ऊँचाई पर स्थित ध्यान गुफा में एक साधना की है, इसके कारण यहाँ ठहरने के लिए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों में क्रेज़ बढ़ गया है। पीएम के केदारनाथ से जाने के बाद से ही GMVN को यहा रहने तथा उसकी जानकारी लेने के लिए बड़ी संख्या में फोन आने लगे हैं। दिल्ली, मुंबई, दुबई, महाराष्ट्र आदि कई स्थानों से फोन करके, हर कोई इस गुफा में रहने की इच्छा व्यक्त कर रहा है, लेकिन गुफा में कठिन और अजीब स्थिति को देखने से लगता है कि यहां रहना मुश्किल है। बुकिंग जून के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है।

ध्यान गुफा में एक पर्यटक के तौर पर नहीं, बल्कि साधक के तौर पर, ध्यान और मैडिटेशन करने वालों को महत्व देने पर विचार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जाने के बाद गढ़वाल मंडल विकास निगम के पर्यटन महाप्रबंधक बी. एल. राणा और क्षेत्रीय प्रबंधक पी. एल. कवि ने रविवार और सोमवार को गुफा का निरीक्षण किया। यहां आवश्यक प्राथमिक सुविधाओं को बनाने के लिए चर्चा की गई, ताकि यहां आने वाले लोगों को परेशानी न हो। इन सुविधाओं में गुफा में घंटी, फोन और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी।

गुफा में रहने के नए नियम

  • बिना रजिस्ट्रेशन के यहां कोई नहीं रुक सकता।
  • मेडिकल फिटनेस के बाद, एक स्वस्थ व्यक्ति को ही यहां रहने की अनुमति दी जाएगी।
  • साधना और ध्यान के लिए ही मिलेगी अनुमति
  • एक बार में, एक व्यक्ति को ही रुकने की अनुमति मिलेगा।
  • यहां रहने वाले लोगों की उम्र भी निर्धारित की जाएगी।
  • गुफा केवल एक निर्धारित समय के लिए ही मिलेगी।