मोदी का एक बयान सोशियल मीडिया पर जोर शोर से हो रहा है ट्रौल, जानें क्या है बात


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पहली ईमेल सेवा कब शुरू हुई? और वास्तव में पहला ईमेल किसने किया था? ऐसे कई सवाल वर्तमान में सोशल मीडिया में फिर से चल रहे हैं और सभी को इन सवालों के जवाब की आवश्यकता है। एक निजी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने 1988 में एक डिजिटल कैमरा के साथ तस्वीरें क्लिक करके ई-मेल किया था। पीएम मोदी के इस दावे से सोशल मीडिया परेशान है और हर कोई इस दावे पर रिसर्च कर रहा है।

ऐसा नहीं है कि केवल सोशल मीडिया ही इस मामले पर चर्चा कर रहा है, बल्कि यह एक राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। कांग्रेस पार्टी के आईटी सेल की अध्यक्ष दिव्या स्पंदना ने प्रधानमंत्री के कथित बयान पर टिप्पणी की है। दिव्या ने मोदी पर कटाक्ष करते हुए लिखा, “क्या आप सोच सकते हैं कि 1988 में पीएम मोदी की ई-मेल आईडी क्या थी? मुझे लगता है कि dud@lol.com.

एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा, “शायद मैंने पहली बार 1987-88 में डिजिटल कैमरों का इस्तेमाल किया था, उस समय बहुत कम लोगों के पास ई-मेल था। हमारी वीरमगांव में आडवाणी की एक बैठक थी और मैंने एक डिजिटल कैमरे के साथ उनकी फोटो खींचकर उसे दिल्ली पहुँचाया था। प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर अब पीएम मोदी ट्रोल हो रहे हैं। कांग्रेस ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से साझा किया है और कहा है कि दोबारा मत पूछना कि कांग्रेस ने 60 साल में क्या किया है। इसके अलावा, अर्थशास्त्री रूपा सुब्रमणियम ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर कहा कि, 1998 में, पश्चिमी देश के कुछ वैज्ञानिकों के पास ई-मेल थे, लेकिन पीएम मोदी 1988 में ई-मेल में आए थे जबकि 1995 में भारत में पहली बार ई-मेल का उपयोग किया गया था।