वायु तूफान के चलते हो रहे स्थानांतरण के दौरान वेरावल के मछुआरों ने स्थानांतरण से इंकार किया


(Photo Credit : youtube.com)

गुजरात के तटीय इलाकों के कई गांवों में ‘वायु’ तूफान के कारण अलर्ट दिया गया है। ‘वायु’ के कारण लोगों का प्रवास भी तंत्र द्वारा किया जा रहा है। लोगों के पलायन के साथ खाने-पिने और रहने की व्यवस्था भी तंत्र द्वारा की जा रही है। समुद्र तटों पर सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है।

तंत्र द्वारा पोरबंदर में माधवपुर में रहते लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का काम किया जा रहा है। माधवपुर में NDRF के स्क्वार्ड के साथ पुलिस कर्मियों को साथ रखकर लोगों को एकत्र किया जा रहा है और उन्हें राहत शिविरों में पहुंचाने का कार्य कीया जा रहा है। इस राहत शिविर का आश्रय लेने वाले लोगों के रहने, भोजन और पीने के पानी की भी व्यवस्था की गई है।

जब NDRF की टीम और पुलिस वेरावल में झालेश्वर क्षेत्र में रहने वाले मछुआरों को स्थानांतरित करने के लिए पहुंचे, तो वहां के लोगों ने स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। इस जगह में अनुमानित 200 परिवार निवास करते हैं और जिस स्थान पर ये लोग रहते हैं, वह समुद्र के बहुत करीब है। स्थानीय मछुआरों का कहना है कि वे अपना घर और नाव छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे।

NDRF के अधिकारियों ने पूरे मामले पर मीडिया के साथ बातचीत की और कहा, “हम इन लोगों को स्थानांतरित करने के लिए समझा रहे हैं। इन लोगों को यहां से 200 मीटर दूर पक्के घरों और स्कूलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। यहां के लोग कह रहे हैं कि कुछ भी हो जाए लेकिन हम यहीं रहेंगे। तब हम लोग कलेक्टर साहब के संपर्क में हैं और इन लोगों को प्रवास के लिए समझा रहे हैं।