ममता की हुंकार: मंजूर नहीं ईवीएम, ईवीएम से आया नतीजा लोगों का जनादेश नहीं सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के साथ की बैठक


(Photo Credit : youtube.com)

कोलकाता (ईएमएस)। लोकसभा चुनाव का शोर खत्म होने के बाद मिली करार हार के बाद ममता बनर्जी पार्टी के प्रदर्शन की समीक्षा कर रही हैं। इसी कड़ी में सोमवार को पार्टी के नव निर्वाचित सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की बैठक की। लगभग 2 घंटे तक चली इस बैठक में ममता ने बंगाल में बीजेपी के उभार को रोकने के लिए कई आंदोलनों की रुप रेखा तैयार की। ममता बीजेपी के हिंदुत्व के एजेंडे का जवाब बांग्ला सांस्कृतिक पहचान को उभार कर देने की योजना बना रही हैं।

बांग्ला पहचान पर जोर

बैठक तय हुआ है कि टीएमसी बंगाल के समाज सुधारक ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 200वीं जयंती पूरे राज्य में धूमधाम से मनाएगी। बता दें कि लोकसभा चुनाव के दौरान कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की रैली के दौरान ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा टूट गई थी, इस लेकर टीएमसी बीजेपी पर हमलावर थी। सोमवार की बैठक् में ममता बनर्जी ने कहा कि उन्हें बंगाल की सांस्कृतिक पहचान पर गर्व है। ममता ने कहा कि टीएमसी पूरे राज्य में सांस्कृतिक आंदोलन चलाएगी। उन्होंने कहा कि गांधी, अंबेडकर या फिर राजा राममोहन राय हों या बिरसा मुंडा इन सब पर हमें गर्व है।ममता ने कहा सांस्कृतिक आंदोलन के लिए जय हिंद वाहिनी नाम की संस्था का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अन्य संस्थाएं सागर से लेकर पहाड़ तक अभियान चलाएंगी।
ईवीएम नहीं बैलट पेपर चाहिए

ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में हार के बाद फिर एक बार कहा कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए, हम बैलट पेपर से मतदान चाहते हैं। उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए बैलट पेपर को वापस लाने की मांग की। ममता बनर्जी ने कहा कि वह ईवीएम के खिलाफ पूरे देश में दूसरे राजनीतिक दलों के सहयोग से घर-घर अभियान चलाएंगी। ममता ने कहा कि अमेरिका भी ईवीएम को अलविदा कह चुका है। उन्होंने कहा कि मात्र 2 फीसदी ईवीएम वैरीफाइड है जबकि 98 प्रतिशत ईवीएम वैरीफाइड नहीं है। ममता ने कहा कि ईवीएम से मिला जनादेश लोगों का जनादेश नहीं है। उन्होंने कहा कि एक लाख ईवीएम मशीनें गायब हैं। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान जिन मशीनों को बदला गया वो निष्पक्ष मतदान के लिए प्रोग्राम्ड नहीं थीं, वे ईवीएम एक खास पार्टी के लिए प्रोग्राम किए गए थे। ममता ने कहा कि क्या उन्होंने ईवीएम मशीनें कुछ तरीके से प्रोग्राम्ड कर दी थी इसलिए वे 23 सीटें जीतने को लेकर आश्वस्त थे। ममता ने कहा कि वे सभी पार्टियों से आग्रह करती हैं कि ईवीएम पर एक कमेटी बननी चाहिए जो इस मामलों की जांच करे।
जीडीपी पर सरकार को घेरा

ममता ने इस मौके पर मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि चुनाव से पहले जीडीपी का आंकड़ा क्यों नहीं आया। अब ये साबित हो चुका है कि जीडीपी नीचे चली गई है। लेकिन चुनाव के दौरान यह आंकड़े नहीं सामने आने दिए गए। उन्होंने कहा कि वे जीडीपी के आंकड़े से खेल रहे हैं। ममता ने कहा कि टीएमसी जीडीपी के गिरते आंकड़ों पर राज्य के सभी ब्लॉक में प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर बंगाल सीएम ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वहां राम के नारे का गलत और राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। ममता ने कहा कि हम इस जय सिया राम कहते हैं, हमारे नारे में राम और सीता हैं, गांधी जी पतित पावन सीता राम गाते थे, वे लोग जय श्रीराम के सही मायने को तोड़ मरोड़ रहे हैं।