शिवराज सिंह सत्ता से बाहर क्या हुए, एक अदद टिकट के लिये करनी पड़ रही जद्दोजहद


नई दिल्ली (ईएमएस)। पंद्रह साल तक प्रदेश की सत्ता पर राज करने वाले भाजपा के दिग्गज नेता व पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान तीन महीने पहले सत्ता से बाहर क्या हुए पार्टी के भीतर ही उन्हें हाशिए पर पहुंचाने की मुहिम शुरू हो गई। शिवराज आज अपनी पत्नी साधना सिंह के लिए टिकट को लेकर जद्दोजहद कर रहे हैं। साधना सिंह के नाम का खासा विरोध है। चर्चा है कि पार्टी की ओर से कहा जा रहा है कि अगर चौहान टिकट चाहें तो मिल सकता है, उनकी पत्नी को नहीं।

शिवराज के हाशिए पर जाने का पार्टी को यह नुकसान होता दिख रह है कि अब उसके पास प्रदेश स्तर का मास लीडर नहीं है। भले ही पार्टी के पास नरेंद्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलौत, सुमित्रा महाजन, कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व सीएम उमा भारती जैसे बड़े चेहरे हैं, लेकिन इनमें से उमा भारती छोड़ किसी की पूरे प्रदेश पर वैसा प्रभाव नहीं है। इसके अलावा, भारती के पिछले आम चुनाव में यूपी के झांसी से लड़ने से अब वह राज्य से बाहर चली गई हैं।

कांग्रेस पार्टी का दारोमदार यहां कमलनाथ के साथ गुना के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर टिका है। कांग्रेस के पास दिग्विजय सिंह जैसे माहिर खिलाड़ी भी है, जिनकी पूरे प्रदेश में अपना एक आधार और पहचान है। चर्चा है कि सिंह भी चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। मध्य प्रदेश में इस बार गुटबाजी भी खासी दिख रही है। यह गुटबाजी कांग्रेस और भाजपा दोनों ही तरफ है। इसी के साथ दोनों ही तरफ से परिजनों को टिकट दिलाने की कोशिशें भी चल रही हैं। जहां सीएम कमलनाथ अपनी छिंदवाड़ा की सीट अपने बेटे नकुलनाथ को दिलाना चाहते हैं, वहीं सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी राजे के भी चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा है।