जानिये कौन है तुषार वेल्लापेली, जिनको अमित शाह ने केरल के वायनाड से राहुल के मुकाबले मैदान में उतारा


(PC : manoramaonline.com)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के रविवार को उत्तरप्रदेश के अमेठी के अलावा केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ने के एलान के बाद सोमवार को विपक्ष के उम्मीदवार की भी घोषणा हो गई। भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने स्वयं ट्वीट करके सोमवार को एनडीए के उम्मीदवार के रूप में तुषार वेल्लापेली के नाम की घोषणा की।

अमित शाह ने ट्वीट में कहा कि उन्हें तुषार वेल्लापेली को एनडीए के उम्मीदवार के रूप में घो‌षित करते हुए गर्व हो रहा है। वे एक जीवंत और गतिशील युवा नेता हैं, जो विकास और सामाजिक न्याय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्र‌ितिनिधित्व करते हैं। उनके साथ एनडीए केरल में राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगा।

इसके जवाब में तुषार ने अमित शाह का धन्यवाद करते हुए ट्वीट के जरिये कहा कि वापमं‌थियों और कांग्रेस के पर्दे के पीछे के नाटक का हम हमारे लोगों के सामने पर्दाफाश करेंगे। हमारी मातृभूमि से विदेशाा शासन को मिटाने की इस लड़ाई में मैं आपके साथ हूं।

 

कौन हैं तुषार वेल्लापेली

तुषार वेल्लापेली भारत धर्म जन सेना (बीडीजेएस) के अध्यक्ष हैं और एनडीए के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में राहुल गांधी को चुनौती देंगे। बता दें कि तुषार केरल के इज़हावा समुदाय से हैं जिनकी आबादी वायनाड में कुल जनसंख्या की २२ प्रतिशत है। वे केरल में भाजपा के राज्यीय संयोजक भी हैं।
गौरतलब है कि पहले उनके नाम की घोषणा त्रिशुर से उम्मीदवार के रूप में की गई थी। लेकिन राहुल के वायनाड पहुंचने पर एनडीए ने उन्हें भी वायनाड भेज दिया।

वैसे तुषार के दल बीडीजेएस की वायनाड में जमीनी स्तर पर उतनी मजबूत पकड़ नहीं है, लेकिन निसंदेह वह वहां तीसरी शक्ति के रूप में अपना भाग्य आजमायेंगे। वायनाड और समग्र रूप में केरल में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और वामपंथियों के बीच ही है।

ध्यान रहे कि बीडीजेएस पार्टी की स्थापना नेतासन द्वारा क्षेत्र के इज़हावा और थिया समुदाय के विकास और हितों की रक्षा के लिये की गई थी। तुषार के पिता नेतासन श्री नारायण धर्म परिपालना योगम के सचिव थे, जो इज़ावा समुदाय का एक सामाजिक संगठन रहा है।

वायनाड में तुषार के आने से एनडीए को लगता है कि उनके समुदाय की ताकत के बूते वे चुनाव में मजबूत चुनौती प्रस्तुत कर पायेंगे। भाजपा को उम्मीद है कि इज़ावा समुदाय के वोट तुषार के खाते में जायेंगे, जहां हिंदुओं वोटों प्रतिशत ४९.४८ है जिसमें इज़ावा समुदाय भी शामिल है। इसके अलावा मुस्लिम समुदाय २८.६५ प्रतिशत और इसाई समुदाय २१.४३ प्रतिशत है।