नाथूराम गोड़से को ‘देशभक्त’ कहना उद्योगपति आनंद महिंद्रा को भी रास नहीं आया, जानें वो क्या बोले


भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोड़से को ‘देशभक्त’ कहना देश में कइयों को रास नहीं आ रहा है। सोशल मी‌डिया पर भी प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है।

देश के सांप्रत और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखने वाले उद्योगपति आनंद महिन्द्रा भी नाथूराम गोड़से को देशभक्त कहे जाने से व्यथित लग रहे हैं। उन्होंने एक ट्वीट करके अपने मन की बात रखी।

आनंद महेन्द्र ने कहा कि ७५ वर्षों से भारत महात्माओं की भूमि रही है; जब दुनिया अपनी नैतिकता खो चुकी थी, तब हमें गरीब होने की दुहाई दी जाती थी, लेकिन हम हमेशा से अमीर रहे क्योंकि बापू ने विश्व स्तर पर अरबों को प्रेरित किया। कुछ चीजें पवित्र रहनी चाहिये। या जिन मूर्तियों की बदौलत हमारा अस्तित्व बना रहा उन्हें नष्ट करके हम तालीबान बन जायेंगे।

 

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने ‌अपने विवादास्पद बयान में कहा था कि, ‘नाथूराम गोडसे देशभक्‍त थे, देशभक्‍त हैं और देशभक्‍त रहेंगे.’ प्रज्ञा ने कहा था कि’ नाथूराम गोडसे को आतंकवादी कहने वाले लोग अपने गिरेबां में झांक कर देखें. ऐसे लोगों को इस चुनाव में जवाब दे दिया जाएगा.’

इस बयान से भाजपा भी घिरी हुई नजर आई। भारी विरोध को देखते हुए पार्टी ने इस बयान से पल्ला झाड़ा और प्रज्ञा ठाकुर को भी बयान के लिये माफी मांगने पर विवश किया।