गुजरात में वायु चक्रवात; जानिये वो सबकुछ जो जरूरी है!


गुजरात में वायु चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। इस खतरे को देखते हुए सरकार ने रेड एलर्ट घोषित कर दिया है। प्रशासन को एहतियातन सभी कदम उठाने के निर्देश दे दिये गये हैं।

राज्य के गृह मंत्रालय की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें चक्रवात से निपटने की रूपरेखा तय की गई। चीफ सेक्रेटरी जे एन सिंहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डीजीपी शिवानंद झा और गृह विभाग के मुख्य अतिरिक्त सचिव आनंद तिवारी भी उपस्थित थे।

13 जून की मध्य रात्रि गुजरात तट से टकरायेगा

मौसम विभाग के सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वायु चक्रवात १३ जून तारीख को गुजरात के तट से टकरायेगा। १३ जून को मध्य रात्रि के समय चक्रवात वेरावल-दीव तट से टकरायेगा। १२० किमी की गति से हवा चल सकती है। बता दें कि ये चक्रवात जिस दिशा में आगे बढ़ रहा है, उसी दिशा में गति करता रहेगा। इसके अपना रास्ता बदलने की संभावना नहीं है।

१२ जून से क्षेत्र में बारिश होनी शुरू हो जायेगी। १३ जून को बारिश और हवा की गति बढ़ जायेगी। १४ जून को सर्वाधिक प्रभाव दिखेगा। वर्तमान में चक्रवात वेरावल बंदरगाह से ७५० किमी दूर समुद्र में स्थित है और १५ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, जो गति समय के साथ बढ़ती जायेगी। समग्र सौराष्ट्र क्षेत्र में बंदरगाहों पर दो नंबर का सिग्नल लगा दिया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सूचना दी गई है। गीर सोमनाथ के ४० से अधिक गांवों को एलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ की टीमें भी संबंधित क्षेत्रों में रवाना कर दी गई हैं।

प्रशासन एलर्ट पर, घोघा रो रो फेरी सेवा स्थगित

फिलहाल घोघा रो रो फेरी सेवा सुरक्षा कारणों से स्थगित कर दी गई है। समग्र अमरेली जिले और तालुका में सुरक्षा के भाग स्वरुप नियंत्रण कक्ष शुरू कर दिया गया है। कल से तटीय इलाकों से लोगों का स्थानांतर किया जायेगा। १३ और १४ जून को सरकार के सभी मंत्रियों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में भेजा जायेगा।

पीछे खिसक सकता है मानसून

बता दें कि इस चक्रवात के कारण गुजरात में मानसून थोड़ा पीछे हट सकता है। यानि मानसून की बारिश नियम समय से देरी से होगी। १३ जून को राजकोट की शाला-कॉलेजों में अवकाश रहेगा।

याद होगा कि ‌विगत दिनों ओडिसा में चक्रवात आया था और वहां की सरकार ने राहत और बचाव कार्य की बढ़िया व्यवस्था की थी, जिसकी दुनिया भर में सराहना हुई। गुजरात सरकार इस मौके पर ओडिशा के डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथोरिटी के साथ संपर्क बनाते हुए सहयोग लेगी। एनडीआरएफ की २२ टीमें तैनात की गई हैं, १० टीमें अन्य राज्यों से बुलाई गई हैं।