गुजरात में ड्रग्स के बढ़ता खतरा, 2016 के बाद से सतत बढ़ रहे मामले


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मादक पदार्थ और मन प्रभावी द्रव्य अधिनियम- NDPS के तहत नशीले पदार्थ के सप्लाई की जानकारी टैकनिकल इटैलिजैंस के साथ मिलकर नशीले पदार्थों के उत्पादन और बेचने से जुड़े लोगों की पहचान करके उनको पकड़ा जाएगा ऐसा राज्य सरकार का कहना है। जिस क्षेत्र में नशीले पदार्थ पकड़े जाएंगे वहां पुलिस अधिकारी के विरोध कदम उठाने की घोषणा सरकार ने की है। सरकार ने घोषणा की है कि NDPS के तहत राज्य में वर्ष 2017 में कुल 67 मामलों में 87 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। वर्ष 2018 में 150 मामलों में 207 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस वर्ष 170 गुनाह दाखिल होंगे इसकी संभावना है। इस प्रकार 3 वर्षों में 375 मामले दर्ज हुए। 10 वर्ष पहले नार्को के 4 गुनाह दर्ज होते थे जो अब बढ़कर 170 तक पहुंच गए हैं।

2008 से  2016 के तक 61 मामले

2016 अहमदाबाद में ही रु. 270 करोड़ की अफिड्र‌िन ड्रग्स पकड़ी गई है। जिसमें मुख्य सूत्रधार किशोर सिंह भावस‌िंह राठौड़ थे। गुजरात में, 2008 से 2016 तक 41 मामले सामने आए। जिसमें कुल  77  लोग गिरफ्तार किए गए। जो 2018 तक 61 तक पहुंच गया है। ये विवरण नारकोटिक्स विभाग के हैं। पुलिस के मामलों के जोड़ के मुद्दे 100  तक हो सकते है। 

भाजपा का बचाव

गुजरात में ड्रग्य का व्यापार करके युवाओं को बरबाद करने वाले समुहों के बारे में कांग्रेस द्वारा पर्दाफाथ किए जाने के बाद इस वर्ष भाजपा ने इसे गंभीर रूप से लेने की बजाय इसका मज़ाक उड़ा रही है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता भरत पांड्या ने बयान दिया कि, कांग्रेस ने एक दो घटनाओं को प्रचार करके उड़ता पंजाब तथा झूमता गुजरात शब्द का प्रयोग करके गुजरात की जनता की संस्कारिता तथा सभी युवाओं को बदनाम करने का प्रयास किया है जिसका भाजपा कड़े शब्दों में निंदा करती है।

अपील

राज्य में शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए टोल फ्री नंबर -14405 चालू होगा। राज्य के निगरानी कक्ष का नंबर 9978934444 पर – व्हाट्सएप और  एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जा सकती है।