गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहा “वायु” चक्रवात, वेरावल से 570 किलोमीटर दूर


अहमदाबाद (ईएमएस)| “वायु चक्रवात” सौराष्ट्र के वेरावल से 570 किलोमीटर दूर समुद्र में है, जिसकी गति अगले 5-6 घंटों और तेज हो जाएगी| 110 से 120 किलोमीटर की गति के साथ यह चक्रवात गुजरात टकराएगा| सभी बंदरगाहों पर दो नंबर के सिग्नल लगा दिए गए हैं| अमरेली, भावनगर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, द्वारका और जामनगर में चक्रवात की सबसे ज्यादा असर होगी| दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी और वलसाड में चक्रवात का प्रभाव पड़ेगा| गिर सोमनाथ जिले के वेरावल में 15 से 17 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है| सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों में चक्रवात संकट की गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने हरसंभव ऐहतियाती उपाय तेज कर दिए हैं| चक्रवात संकट को लेकर राज्य के सभी विभागों के अधिकारियों की आपात बैठक हुई| जिसमें किन किन इलाकों में चक्रवात का सबसे ज्यादा असर होगा, इसकी समीक्षा की गई| वायु चक्रवात के अलर्ट के बाद सौराष्ट्र के गिर सोमनाथ, वेरावल, जामनगर, द्वारका, पोरबंदर और जामनगर इत्यादि बंदरगाहों पर दो नंबर के सिग्नल लगा दिए गए हैं| राजकोट में विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते 12 और 13 जून को स्कूलें बंद रखने का आदेश दिया है| सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के तटीय इलाकों में रहनेवाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का आदेश दिया गया है| चक्रवात के हालात में सभी स्थितियों से निपटने के लिए वन विभाग की भी मदद ली जा रही है| बीएसएफ की दो कंपनियों को कच्छ में तैनात किया गया है| बुधवार से प्रत्येक प्रभावित इलाकों में सेना की एक-एक टुकड़ी भेज जाएगी| फिलहाल एनडीआरएफ की 11 टीमें तैनात की गई हैं| जरूरत पड़ने पर वायुसेना की भी मदद ली जाएगी| गुजरात सरकार ने एनडीआरएफ की अतिरिक्त 10 टीमों की केन्द्र से मांग की है| बुधवार से गुजरात में एनडीआरएफ की 35 टीमें तैनात की जाएंगी| चक्रवात से प्रभावित होनेवाले तटीय और निचले इलाकों में रहनेवाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कलेक्टरों को आदेश दे दिया गया है| पश्चिम रेलवे के सभी डीआरएम को सतर्क रहने और प्रति घंटा कंट्रोल रूम का मोनिटरिंग करने का आदेश दिया गया है| जरूरत पड़ने पर ट्रेन रद्द या डायवर्ट करने का भी आदेश दे दिया गया है| 13 जून की सुबह चक्रवात सौराष्ट्र से टकरा सकता है, जिसे ध्यान में रखते हुए तटीय क्षेत्र के गांवों से लोगों का सुरक्षित स्थानांतरण किया जा रहा है| लोगों को शेल्टर होम में भोजन-पेयजल, सेनिटेशन, बिजली, स्वास्थ्य इत्यादि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का जिला प्रशासन को आदेश दिया गया है| इसके अलावा भारी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए राज्यभर से 100 जितने डिवोटरिंग पम्प्स को भी सौराष्ट्र-कच्छ की ओर भेजने का आदेश दिया गया है| संभावित परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए पांच लाख सूखे फूड पैकेट्स और पेयजल के पाउट तैयार करने का आपूर्ति विभाग को आदेश दिया गया है|

मौसम विभाग के जयंत सरकार ने चक्रवात के वेरावल से दीव के बीच टकराने की संभावना व्यक्त की है| उन्होंने कहा कि चक्रवात के दौरान हवा की गति बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है| इतना ही नहीं कई जगह भारी से अतिभारी बारिश होने की भी पूरी संभावना है| मौसम विभाग की चेतावनी के चलते राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने और पर्यटकों को तटीय क्षेत्र में नहीं जाने की हिदायत दी है| चक्रवात की संभावित परिस्थिति के दौरान भारत संचार निगम के अलावा राज्यभर के मोबाइल ऑपरेटर्स को मोबाइल टावर लगातार कार्यरत रहें, इसका विशेष ध्यान रखने का आदेश दिया गया है|