क्रू मेंबर्स को कैंसर का खतरा औसत से होता हैं ज्यादा: स्टडी


(Photo : EMS)

पैरिस(ईएमएस)। फ्लाइट के क्रू मेंबर्स के सदस्यों में कैंसर होने का खतरा औसत से बहुत ज्यादा होता है। यह बात करीब 5 हजार यूएस बेस्ड फ्लाइट अटेन्डेंट्स पर की गई एक स्टडी में सामने आयी है। इस शोध के बाद को ऑथर और हार्वर्ड टी एच स्कूल की अनुसंधानकर्ता इरीना मोर्डूखोविच कहती हैं, “फ्लाइट के क्रू मेंबर्स में पूरी जिंदगी ब्रेस्ट कैंसर, मेलानोमा कैंसर और नॉन-मेलानोमा स्किन कैंसर होने का खतरा आम लोगों की तुलना में बहुत अधिक होता है।” इसके साथ ही वह बताती हैं कि इस स्टडी के नतीजे हैरान करने वाले हैं क्योंकि फ्लाइट अटेन्डेंट और फ्लाइट क्रू मेंबर्स जैसे व्यवसाय में जो लोग शामिल होते हैं उनका वजन अधिक होना और उनके स्मोकिंग करने की संभावना बेहद कम होती है।

बता दें ‎कि इस स्टडी में 5 हजार 366 फ्लाइट अटेंडेंट्स को शामिल किया गया था जिसमें से करीब 15 प्रतिशत में कैंसर की पहचान हुई। इस स्टडी में शामिल फीमेल फ्लाइट क्रू मेंबर्स में से 3.4 प्रतिशत को ब्रेस्ट कैंसर पाया गया जबकि आम लोगों में 2.3 प्रतिशत को ब्रेस्ट कैंसर पाया जाता है। वहीं यूट्रीन कैंसर का रेट आम लोगों में जहां 0.13 प्रतिशत था वह फ्लाइट क्रू में 0.15 प्रतिशत पाया गया है। सर्वाइकल कैंसर आम लोगों में 0.70 प्रतिशत होता है ‎जब‎कि फ्लाइट क्रू मेंबर्स में 1 प्रतिशत, कोलोन कैंसर आम लोगों में 0.27 प्रतिशत तो फ्लाइट क्रू मेंबर्स में 0.47 प्रतिशत और थाइरॉइड कैंसर आम लोगों में 0.56 प्रतिशत जबकि फ्लाइट क्रू मेंबर्स में 0.67 प्रतिशत पाया गया। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उन महिलाओं में अधिक था जिन्होंने कभी बच्चे को जन्म नहीं दिया, साथ ही उन महिलाओं में भी जिनके 3 या उससे अधिक बच्चे थे। इरीना ने बताया कि बच्चे न होना ब्रेस्ट कैंसर का सर्वविदित रिस्क फैक्टर है। स्टडी के अनुसंधानकर्ताओं ने बताया ‎कि फ्लाइट क्रू मेंबर्स में कैंसर का खतरा इस वजह से अधिक होता है क्योंकि फ्लाइट क्रू मेंबर्स नियमित रूप से कैंसर पैदा करने वाले तत्वों के संपर्क में रहते हैं।