1984 दंगों पर साम पित्रोदा के बयान से कांग्रेस ने किनारा किया


(PC : telegraphindia.com)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गांधी परिवार के निकट माने जाने वाले साम पित्रोदा ने गुरुवार को 1984 के दंगों के संबंध में एक बयान दिया था जिसको लेकर सियासी हलकों में तहलका मचा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा एवं उनके सहयोगी दलों के नेता जोर-शोर से उस बयान को चुनावी रैलियों और अपने बयानों में भूनाने की कोशिश कर रहे हैँ। इस पूरे घटनाक्रम ने जिस प्रकार तूल पकड़ लिया है उसे देखते हुए आखिरकार कांग्रेस को एक आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा है।

कांग्रेस की ओर से जारी बयान में साम पित्रोदा की कही बातों को उनकी व्यक्तिगत राय बताते हुए किनारा कर लिया गया है। लिखित बयान में कांग्रेस ने कहा है कि 1984 के दंगों की जांच कराने और उसके दोषियों को सजा देने के पार्टी के पुराने रवैये पर अब भी कायम है। हम किसी भी व्यक्ति, या जाति, रंग, क्षेत्र या धर्म के आधार पर लोगों के समूह के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा से घृणा करते हैं। यही भारत का सार है।

बयान में भाजपा को यह कहते हुए घेरने का भी प्रयास किया गया कि भाजपा ने आतंक संबंधी अपराध की आरोपी को अपना उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने 1984 की हिंसा व दंगों के दोषियों को सजा देने की नैतिक हिम्मत दिखाई है। बयान में भाजपा पर दंगों के नाम पर वोटो की राजनीति करने का भी आरोप लगाया गया।

नीचे कांग्रेस का मीडिया के नाम जारी लिखित बयान देखें।