CBI ने ममता से मांगा आय-व्यय का ब्यौरा


कोलकाता। शारदा चिटपंâड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने पाqश्चम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को २०१० के बाद चार साल तक की आमदनी और खर्च का हिसाब-किताब दिखाने के लिए कहा है। विरोधी र्पािटयों सीपीएम और भाजपा जैसे विपक्षी दलों ने कहा है कि जब सीबीआई पार्टी से आमदनी और खर्च का हिसाब मांग रही है, तो इस मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तरफ से जवाब आना चाहिए। पता चला है कि सीबीआई ने मुकुल रॉय को ३ मार्च को एक ईमेल भेजी थी, जिसमें उनसे पार्टी के आमदनी और खर्च का ब्योरा मांगा गया था। सीबीआई ने ५ मार्च को पार्टी के राज्य मुख्यालय तृणमूल भवन को भी एक पत्र भेजा था। रॉय ने सीबीआई को इसका जवाब भेजा और बताया कि उनको २८ फरवरी को ही पार्टी के ऑल इंडिया जनरल सेव्रेâटरी पोस्ट से हटा दिया गया था। इसलिए उनके लिए सीबीआई के लेटर का जवाब देना मुमकिन नहीं होगा। रॉय के मना करने के बाद सीबीआई अब पार्टी के नव-नियुक्त ऑल इंडिया जनरल सेव्रेâटरी सुब्रत बख्शी को पत्र भेजने का प्लान बनाया है। तृणमूल कांग्रेस के जनरल सेव्रेâटरी और स्टेट एजुकेशन मिनिस्टर पार्था चटर्जी ने मंगलवार को संवादाताओं को बताया कि वह सीबीआई से आधिकारिक पत्र मिलने के बाद निश्चित ही वे उसके सवालों का जवाब देंगे। यह भी पता चला है कि सीबीआई तृणमूल कांग्रेस से यह भी जानना चाहती है कि ममता बनर्जी की पेंिंटग्स बेचने से पार्टी को कितनी कमाई हुई थी। इस मामले में आरोप लगाया जा रहा है कि शारदा चिटपंâड के मालिक सुदीप्तो सेन ने चीफ मिनिस्टर की बनाई पेंिंटग १.८ करोड़ रुपये में खरीदी थी। जानकार सूत्रों ने यह भी बताया कि रॉय ने १० फरवरी को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बताया था कि पार्टी को मई में लोकसभा चुनाव से पहले एक प्राइवेट वंâपनी से १.४० करोड़ रुपये मिले थे। रॉय ने पहले दावा किया था कि पार्टी को प्राइवेट वंâपनी से डोनेशन के तौर पर पैसा मिला था लेकिन उन्होंने चुनाव आयोग को १० फरवरी को बताया कि वह रकम असल में तृणमूल कांग्रेस को लोन के तौर पर दिया गया था।दिलचस्प बात यह है कि सत्ताधारी पार्टी को पैसा देनेवाली यह वंâपनी त्रिनेत्र वंâसल्टेंसी जांच में बोगस पाई गई है और इसके कई डायरेक्टरों का कोई पता ठिकाना नहीं है। भाजपा ने भी इस मामले में चुनाव आयोग के पास आरोप लगाए थे। इस बीच सीपीएम ने मंगलवार को आरोप लगाया कि ममता ने मोदी के साथ मुलाकात की पहल तब की है, जब सीबीआई ने उनकी पार्टी को लेटर भेजकर पिछले चार साल के उसके आमदनी और खर्च का ब्योरा मांगा है। सीपीएम की सेंट्रल कमिटी के मेंबर और पार्टी के सांसद मोहम्मद सलीम ने मंगलवार को कहा, मुख्यमंत्री ने पार्टी की आमदनी और खर्च की जानकारी मांगने के मामले में सीबीआई के कदमों को सुस्त बनाने के लिए सोमवार को मोदी से मुलाकात की। हम तो बहुत समय से कहते आ रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस ने २०११ के विधानसभा और २०१४ के लोकसभा चुनाव के दौरान अपना अभियान चलाने के लिए शारदा का पंâड यूज किया था।