कांग्रेस नेता ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर मुस्लिमों को भाजपा से हाथ मिला लेना चाहिए


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लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद से राजनीति गरमा गई है। एक ओर जहां भाजपा के नेतृत्व वाली (NDA) के नेता एग्जिट पोल के नतीजों को जनता की आवाज़ गिन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने नतीजों का इंतजार करने का विकल्प चुना है। इस बीच कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रोशन बेग ने एग्जिट पोल में पार्टी के खराब प्रदर्शन के अनुमान को ध्यान में रखते हुए सोमवार को पार्टी धोड़ने का संकेत दिया है। अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।

रिपोर्टों के अनुसार, बेग ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार में आने की स्थिति में मुस्लिम समझौता करने का फैसला किया है। बेग ने कहा “अगर एनडीए सरकार में वापस आती है, तो मैं विनम्रतापूर्वक मुस्लिम भाइयों से अनुरोध करता हुं कि, वे स्थिति के साथ समझौता कर लें”। जब उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि मुसलमानों को भाजपा के साथ हाथ मिलाना चाहिए, तो उन्होने जवाब में कहा, यदि आवश्यक हो तो ज़रूर।

बता दें कि कांग्रेस ने राज्य में केवल एक मुस्लिम को टिकट दिया है। बेग ने अपनी बात स्पष्ट की और कहा, “यदि आवश्यक हो, तो मुसलमानों को अवश्य हाथ मिला लेना चाहिए।” हमें किसी एक पार्टी के प्रति वफादार नहीं होना चाहिए। कर्नाटक में मुसलमानों का क्या हुआ? कांग्रेस ने सिर्फ एक टिकट दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आने वाले दिनों में कांग्रेस छोड़ने का फैसला करेंगे, उन्होंने जवाब में कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो निश्चित रूप से जरूर।